अजयारविंद नामदेव, शहडोल। कोरोना काल में जब लोगों की सांसें थम रही थीं, तब मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए सरकार ने अस्पतालों को वेंटिलेटर दिए थे। मकसद था कि सांसों के संकट से जूझ रहे मरीजों को वक्त पर इलाज मिले, लेकिन शहडोल जिला अस्पताल में जिंदगी बचाने वाली मशीनें अस्पताल के एक बंद कमरे में कैद हैं और जिस मॉड्यूलर ओटी में ये मशीनें रखी हैं, वहां पानी टपकने की समस्या के चलते लंबे समय से ताला पड़ा है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि वेंटिलेटर चालू हालत में हैं और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल भी किए जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि जब मरीज की सांसें उखड़ रही होंगी, तब क्या इन मशीनों तक पहुंचने में भी व्यवस्था की सांसें फूलेंगी।
कुशाभाऊ ठाकरे शहडोल जिला अस्पताल में PM CARES फंड से मिले वेंटिलेटर मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर के भीतर रखे हैं। जिला अस्पताल में कोविड मरीजों के उपचार के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए मॉड्यूलर ओटी को फिलहाल बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इसके ऊपर चल रहे निर्माण कार्य के कारण पानी टपकने की समस्या पैदा हो गई। इसी के चलते मॉड्यूलर ओटी का संचालन रोक दिया गया और अंदर रखे वेंटिलेटर भी बंद कमरे में रह गए।
ये भी पढ़ें: जिला अस्पताल के प्रसूति गृह में आग की अफवाह: महिला मरीज और नवजात को निकाला गया बाहर, मची अफरा-तफरी

जरूरत पड़ने पर तत्काल उपलब्ध कराना किसकी जिम्मेदारी ?
अब सवाल यह है कि जब इन मशीनों का उद्देश्य जरूरत के समय मरीजों की सांसें बचाना है, तो उन्हें ऐसी जगह क्यों रखा गया है, क्या अस्पताल प्रबंधन ने इन मशीनों को सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रखने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है। यह मामला केवल मशीनों के चालू या बंद होने तक सीमित नहीं है। असली सवाल यह है कि आपातकालीन स्थिति में इनका इस्तेमाल कितनी आसानी से किया जा सकता है। अगर मॉड्यूलर ओटी लंबे समय से बंद है, तो वहां रखे उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और जरूरत पड़ने पर तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है।
सिविल सर्जन ने कही ये बात
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शिल्प सराफ का कहना है कि PM CARES से मिले सभी वेंटिलेटर चालू हालत में हैं। कुछ वेंटिलेटर कमरे में रखे हैं, लेकिन बंद नहीं हैं। इन्हें दूसरे चालू आईसीयू में जरूरत के अनुसार बाइपेप मोड पर इस्तेमाल किया जा रहा है। कोई भी वेंटिलेटर नॉन-फंक्शनल नहीं है। इनके बेहतर संचालन के लिए समय-समय पर शासन के माध्यम से डॉक्टरों और संबंधित स्टाफ की ट्रेनिंग भी कराई जाती है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

