पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के पंजाब दौरे पर उनकी सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था. सुरक्षा में यह चूक 5 जनवरी 2022 को हुई फिरोजपुर में हुई थी और अब तीन साल बाद इस मामले में 25 किसानों के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है.
ये भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) और क्रांतिकारी पेंडू मजदूर यूनियन के सदस्य बताए जा रहे हैं. समन का जवाब ना देने पर यह वारंट किसानों के खिलाफ जारी हुआ है.
पीएम नरेंद्र मोदी 5 जनवरी 2022 को फिरोजपुर में एक रैली को संबोधित करने वाले थे लेकिन उनके काफिले को वापस लौटना पड़ा क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने पियाराना फ्लाईओवर पर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया था. इसी मामले में अब कार्रवाई हुई है.
बीजेपी की आपत्ति पर एसआईटी का हुआ गठन
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि पुलिस ने अगले ही दिन अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी. हालांकि बीजेपी ने इस आपत्ति जताते हुए इसे कमजोर एफआईआर दर्ज किया था क्योंकि एफआईआर में सावर्जनिक मार्ग में बाधा डालने संबंधी धारा जोड़ी गई थी.
बाद में केस में जोड़ी गईं ये धाराएं
आपत्ति के बाद एसआईटी की गठन हुआ. जिसमें हत्या का प्रयास, लोक सेवक पर हमला, गलत तरीके से रोकना, काम में बाधा डालना और गैरकानूनी सभा से जुड़ी धाराएं जोड़ी गईं. इसमें 26 लोगों को आरोपी बनाया गया. 26 आरोपियों में से एक की इस बीच मौत हो गई जिसके बाद 25 किसानों के खिलाफ वारंट जारी किया गया है.

किसान यूनियन ने वारंट को बताया साजिश
फिरोजपुर कोर्ट ने सबसे पहले 3 जनवरी को समन भेजा और लेकिन पेश ना होने पर अब गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है. इन आरोपियों को 22 जनवरी तक कोर्ट में पेश किया जाएगा. हालांकि जिस यूनियन के किसानों के खिलाफ वारंट जारी हुआ है उसका कहना है कि डराने के लिए ऐसी साजिश रची जा रही है. उसका कहना है कि उस दिन शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया गया था.
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