Rajasthan News: राजस्थान की सियासत में एक बार फिर मानेसर कांड की गूंज सुनाई देने लगी है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के टोंक दौरे ने पूर्वी राजस्थान के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
सचिन पायलट के गढ़ में घुसकर बीजेपी ने न केवल अपनी ताकत दिखाई, बल्कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने पायलट पर ऐसे तीखे प्रहार किए कि पूरी कांग्रेस खेमा बिलबिला उठा है। टोंक के मंच से अग्रवाल ने पायलट को बहुरूपिया तक कह डाला, जिसके बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत को बचाव में उतरना पड़ा।

पायलट बहुरूपिया विधायक और बाहरी हैं
बीजेपी प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने जनसभा को संबोधित करते हुए मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। उन्होंने कहा, टोंक में एक बहुरूपिया विधायक बन गया है, जो न यहां का रहने वाला है और न ही राजस्थान का सगा है। टोंक के भोले लोगों ने उसे चुन तो लिया, लेकिन उसकी एक टांग कांग्रेस में रहती है और दूसरी कहां है, इसका किसी को पता ही नहीं चलता। अग्रवाल ने साफ संदेश दिया कि बीजेपी की नजर अब टोंक जिले की सभी चारों सीटों पर है और पार्टी इस बार पायलट के तिलिस्म को तोड़ने के लिए जान लगा देगी।
पायलट समझ भी गए और संभल भी- गहलोत
सचिन पायलट पर हुए इस निजी हमले का जवाब देने में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी देर नहीं की। पश्चिम बंगाल से लौटते ही गहलोत ने बीजेपी प्रभारी को आइना दिखाया। गहलोत ने 2020 के उस चर्चित मानेसर कांड का जिक्र करते हुए कहा, पायलट अब सब समझ भी गए हैं और संभल भी गए हैं। उन्हें अहसास हो गया है कि एक बार गलती करने का नतीजा क्या होता है। उनकी दोनों टांगें अब कांग्रेस में ही हैं और कहीं नहीं जाने वाली। गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी ने उन्हें पहले बहला-फुसलाकर मानेसर भेज दिया था, लेकिन अब वे दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे।
भाजपा का मिशन पूर्वी राजस्थान
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी ने सोच-समझकर टोंक को इस शक्ति प्रदर्शन के लिए चुना है। पूर्वी राजस्थान, जो कभी पायलट की वजह से कांग्रेस का अभेद्य किला माना जाता था, वहां सेंध लगाने के लिए बीजेपी ने गढ़ वाला दांव खेला है। बीजेपी नेताओं का दावा है कि टोंक असल में उनका पुराना किला है जिसे वे वापस पाकर रहेंगे।
गहलोत ने केंद्र पर भी साधा निशाना
सिर्फ पायलट ही नहीं, गहलोत ने बीजेपी की चुनावी रणनीति पर भी कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव आयोग, ईडी और अन्य सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। आम आदमी पार्टी के सांसदों के विलय की खबरों पर उन्होंने कहा कि षड्यंत्र वाले चुनाव में कुछ भी संभव है। सूत्रों की मानें तो पायलट और गहलोत की यह ‘एकजुटता’ बीजेपी के लिए आने वाले चुनावों में सिरदर्द बन सकती है।
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