शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही बिजली की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। कृषि कार्यों और सिंचाई की जरूरतों को देखते हुए इस बार राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 22 हजार मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, जो कि बिजली विभाग और सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती बन गई है।
पिछले साल की तुलना में भारी बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 17,313 मेगावाट का आंकड़ा पार कर चुकी है। जबकि, ठीक पिछले साल इसी अवधि में बिजली की मांग मात्र 11,874 मेगावाट दर्ज की गई थी। मांग में अचानक आए इस भारी उछाल की मुख्य वजह रबी सीजन में सिंचाई के लिए बिजली की आवश्यकता का बढ़ना है।
तीन महीने के लिए होगी बिजली की खरीदी
बढ़ती मांग और संभावित बिजली संकट से निपटने के लिए पावर मैनेजमेंट कंपनी ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। ऊर्जा जरूरतों को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए 20 नवंबर 2026 से 20 फरवरी 2027 तक अल्पकालीन अनुबंध के तहत बिजली खरीदे जाने का निर्णय लिया गया है। मांग के सबसे ज्यादा दबाव वाले समय को ध्यान में रखते हुए खास योजना बनाई गई है।
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इसके तहत सुबह 6:30 बजे से 9:30 बजे के बीच अधिकतम 800 मेगावाट तक बिजली लेने की तैयारी की गई है। वहीं शाम 5:00 बजे से 7:30 बजे के बीच 300 मेगावाट तक बिजली खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सरकार का प्रयास है कि रबी सीजन के दौरान किसानों और आम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे, ताकि कृषि कार्य और दैनिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
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