जन सुराज ने भागलपुर में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव का औपचारिक बिगुल फूंक दिया है। पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने घोषणा की है कि जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. रजनीश रंजन आगामी 5 अक्टूबर को सुबह 10 बजे पूर्णिया में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस आयोजन को पार्टी एक साधारण नामांकन की बजाय एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है।

​भागलपुर में रणनीति और कार्यकर्ताओं की बैठक

​हाल ही में भागलपुर के मंगल उत्सव विवाह भवन में प्रशांत किशोर ने भागलपुर, कोसी और पूर्णिया प्रमंडल के प्रमुख नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में चुनावी रणनीति, बूथ स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने और नामांकन कार्यक्रम को भव्य बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रशांत किशोर ने दावा किया कि डॉ. रजनीश रंजन के मैदान में उतरने से वर्षों से चले आ रहे पारंपरिक एमएलसी कार्यकाल के अंत की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने खुद नामांकन में शामिल होने की घोषणा करते हुए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं से पूर्णिया पहुंचने की अपील की।

​युवाओं और शिक्षा के मुद्दों पर फोकस

​युवाओं को संबोधित करते हुए जन सुराज प्रत्याशी डॉ. रजनीश रंजन ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2000 के आसपास जन्मे युवा रोजगार और नौकरी की मांग को लेकर सड़कों पर लाठी खाने को मजबूर नहीं होने चाहिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि युवाओं पर लाठी चलनी ही होगी, तो वह छात्रों से पहले उनके अपने शरीर पर चलेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे युवाओं की आवाज को केवल सड़क पर नहीं, बल्कि सदन के भीतर पूरी मजबूती और तर्कों के साथ उठाएंगे।
​इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा स्नातक एमएलसी के कामकाज पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एमएलसी फंड का इस्तेमाल सड़क निर्माण के बजाय शिक्षा, लाइब्रेरी और शैक्षणिक सुविधाओं के विकास में होना चाहिए। सड़क निर्माण का जिम्मा पंचायत और स्थानीय निकायों का है, जबकि स्नातक प्रतिनिधि का मुख्य एजेंडा शिक्षा और रोजगार होना चाहिए। उन्होंने भागलपुर की ऐतिहासिक पहचान विक्रमशिला विश्वविद्यालय और टीएनबी कॉलेज का जिक्र करते हुए मतदाताओं से अपनी शैक्षणिक विरासत के आधार पर वोट करने की अपील की।

​सरकार पर हमला और ‘जैसा बोएंगे, वैसा काटेंगे’ का संदेश

​पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बेगूसराय, समस्तीपुर और जमुई की घटनाओं का हवाला देते हुए सुशासन के दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध, बेरोजगारी और बाढ़ गंभीर चुनौतियां बन चुकी हैं। केवल सत्ता परिवर्तन की बात करने के बजाय सरकार को जवाबदेह बनाना जरूरी है।
​मतदाताओं को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने चेताया कि जनता जिस आधार पर वोट करेगी, शासन भी वैसा ही मिलेगा। उन्होंने अपने प्रसिद्ध बयान में कहा कि ‘जैसा बोएंगे, वैसा ही काटेंगे।’ उन्होंने जनता से अपील की कि वे जाति, धर्म और डर के समीकरणों से ऊपर उठकर अपने बच्चों के भविष्य, शिक्षा और विकास के वास्तविक मुद्दों पर मतदान करें।