प्रयागराज. प्रयागराज में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक बुजुर्ग से लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है. आरोप है कि लखनऊ के एक दंपती ने सरकारी विभागों में ऊंची पहुंच और अधिकारियों से जान-पहचान का दावा कर बुजुर्ग के बेटे को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया. इसके बदले 40 लाख रुपये मांगे गए. बुजुर्ग का दावा है कि उन्होंने 25.45 लाख रुपये नकद, चेक और ऑनलाइन माध्यम से दे दिए. इसके अलावा 15 लाख रुपये के दो चेक भी एडवांस में दिए. नौकरी नहीं लगी तो पैसे वापस मांगने पर धमकी दी गई. पुलिस आयुक्त के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.

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मेस में खाना खाने आते थे आरोपी

कर्नलगंज के बैंक रोड निवासी प्रेम चंद्र सिन्हा वरिष्ठ नागरिक हैं. उनका बेटा राघवेंद्र प्रसाद सिन्हा सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए लखनऊ में रहता था. चयन नहीं होने पर उसने पुरनिया, अलीगंज में मेस शुरू किया. आरोप है कि गौरव सिंह नाम का व्यक्ति वहां खाना खाने आता था. बाद में वह अपने बहनोई आदित्य कुमार गौर और बहन मानसी सिंह को भी मेस में लाने लगा. इसी दौरान परिवार से उनकी जान-पहचान बढ़ी.

सरकारी नौकरी लगवाने का दिया भरोसा

प्रेम चंद्र सिन्हा के मुताबिक, आदित्य और मानसी ने सरकारी विभागों में अपनी अच्छी पहुंच होने की बात कही. उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों और नेताओं के जरिए कई लोगों को सरकारी नौकरी दिलवा चुके हैं. इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में भी नियुक्ति कराने का भरोसा दिया. जनवरी 2025 में दंपती प्रयागराज पहुंचे. संगम क्षेत्र में नौकरी को लेकर बातचीत हुई. आरोप है कि उन्होंने कुल 40 लाख रुपये में नौकरी लगवाने की बात तय की.

25.45 लाख रुपये नकद और ऑनलाइन दिए

बुजुर्ग का आरोप है कि उन्होंने अलग-अलग माध्यमों से 25.45 लाख रुपये दिए. इसमें 4.95 लाख रुपये UPI से, 3 लाख रुपये चेक से और 18 लाख रुपये नकद दिए गए. इसके अलावा पांच और दस लाख रुपये के दो चेक भी एडवांस में दिए गए. दंपती ने मानसी सिंह के नाम का बैंक खाता विवरण व्हाट्सएप पर भेजा था. पीड़ित के अनुसार, उनके पास लेनदेन से जुड़ी चैट और बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है.

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पैसे मांगे तो जेल भेजने की धमकी का आरोप

आरोप है कि रकम लेने के बाद दंपती ने मेस में आना बंद कर दिया. फोन पर भी बातचीत कम कर दी. बेटे की नौकरी नहीं लगी तो बुजुर्ग ने पैसे वापस मांगे. इस पर कथित तौर पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई. पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें और उनके बेटे को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई. कर्नलगंज पुलिस के मुताबिक, FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. जांच में रकम के लेनदेन और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी.