पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद। देवभोग नगर पंचायत में पीएम आवास के हितग्राही सनत नागेश देवभोग एसडीएम ऑफिस के सामने आज दिनभर धरने पर बैठा रहा। उसको समर्थन देने अन्य आवास हितग्राही और पार्षद तक धरने स्थल पर मौजूद रहे।सनत नागेश की मांग थी कि उसके द्वारा आवास निर्माण के लिए मंगाए गए रेत और उसके रिश्तेदार के वाहन को छोड़ दिया जाए, लेकिन हितग्राही की मांग को सिरे से विभाग ने खारिज कर दिया। उल्टे शाम 4 बजे तक हितग्राही और ट्रैक्ट मालिक के नाम नोटिस भेज कर 25600 रुपए अर्थदंड जमा करने का फरमान जारी कर दिया।
इलाके में ट्रैक्टर पर हुई कार्रवाई में अब तक की बड़ी पेनाल्टी है। विभाग ने पत्र में लिखा है कि 15 अक्टूबर तक रेत परिवहन पर प्रतिबंध है इसलिए यह कार्रवाई की जा रही है। हितग्राही सनत नागेश ने कहा कि 6 अक्टूबर को वाहन पकड़ा गया। जब छोड़ने की मांग की तो 7 दिन बाद विभाग दुर्भावनावश कार्रवाई कर रही है। पेनाल्टी की राशि नहीं भर पाऊंगा। वाहन भी मेरे रिस्क में लाया था। मेरे साथ अन्याय किया जा रहा है।
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इधर मामले में पक्ष जानने माइनिंग अधिकारी अर्चना ठाकुर को कॉल किया गया तो उन्होंने नहीं उठाया। मामले में कलेक्टर रणवीर शर्मा ने कहा कि मामला माइनिंग विभाग से जुड़ा है, माइनिंग अधिकारी ही बता पाएगी क्या हुआ है।

जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल 6 अक्टूबर को क्षेत्र में सेवा सेतु शिविर में पहुंची जिला माइनिंग अधिकारी ने रेत से भरे उस ट्रैक्टर पकड़ लिया जो पीएम आवास हितग्राही द्वारा मंगवाया जा रहा था। सरकार द्वारा सदन में ऐलान करने के बावजूद आवास निर्माण के लिए हितग्राहियों को रेत आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा है। पार्षद का आरोप है कि माइनिंग अफसर अवैध परिवहन करने वाले से संपर्की रहते है। जो हितग्राही अपने रिस्क में कम खर्च पर रेत मंगाने की कोशिश करता है उसे कार्रवाई से गुजरना पड़ता है।हितग्राही की मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

प्रतिबंध के बीच प्रगति का दबाव
15 अक्टूबर तक वैध रेत खदानों में प्रतिबंध है। ऐसे में हितग्राहियों को आवास निर्माण में तेजी लाने का दिया गया टास्क पूरा भी करना था। रेत सिंडिकेट से रेत लेने पर हितग्राहियों को महंगा पड़ता था। सिंडिकेट ऊपर से लेकर नीचे तक सेटिंग कर रेत का कारोबार कर रहे। कई हितग्राही अपने परिजनों की मदद लेकर रेत मंगा रहे, ताकि सीमित लागत में आवास पूर्ण हो जाए पर कार्रवाई की खानापूर्ति के लिए माइनिंग विभाग ऐसे लोगों को सॉफ्ट टारगेट बनाकर कार्रवाई की खानापूर्ति कर रही है। माइनिंग विभाग के अड़ियल रवैए को लेकर नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप ने जिला मुख्यालय से 45 की परिधि में चल रहे अवैध परिवहन पर कार्रवाई की नसीहत दी थी। विभाग की माइनिंग जिला अधिकारी नेता जनप्रतिनिधि और मीडिया का कॉल नहीं उठा रही।
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