चंडीगढ़। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी ने नशे के मुद्दे पर अपना अभियान तेज कर दिया है। भाजपा की ओर से 18 सितंबर से प्रदेश में ‘भाजपा का नारा, नशा मुक्त सारा’ अभियान के तहत चार अलग-अलग ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’ निकाली जाएंगी। यात्रा और इससे जुड़ी रैलियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के डीजीपी गौरव यादव से मुलाकात की।
भाजपा नेताओं ने डीजीपी को बताया कि करीब 13 दिन तक चलने वाली इन यात्राओं के जरिए पंजाब के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने की योजना है। अभियान में पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ केंद्रीय नेतृत्व के भी शामिल होने की संभावना है। ऐसे में भाजपा ने पुलिस प्रशासन से यात्रा और रैलियों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
चार स्थानों से शुरू होगी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’
पंजाब भाजपा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी गौरव यादव से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में ढिल्लों ने बताया कि भाजपा की ओर से प्रदेश में चार यात्राएं निकाली जाएंगी।
इनमें पहली यात्रा पठानकोट के माधोपुर, दूसरी फतेहगढ़ साहिब, तीसरी फाजिल्का और चौथी यात्रा तख्त श्री दमदमा साहिब से शुरू होगी। सभी यात्राओं का समापन जालंधर में किया जाएगा।
भाजपा के अनुसार, यह अभियान करीब 13 दिनों तक चलेगा और इसके दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ता व नेता लोगों के बीच पहुंचेंगे।
अमित शाह समेत केंद्रीय नेता होंगे शामिल
केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि भाजपा के इस प्रदेशव्यापी अभियान में केंद्रीय नेतृत्व भी हिस्सा लेगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी यात्रा कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि यात्राओं और रैलियों में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना है। इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।
‘मौजूदा सरकार पर विश्वास नहीं’
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि भाजपा को मौजूदा सरकार पर अब विश्वास नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पार्टी अपनी ओर से हर संभव प्रयास कर रही है और इसी कड़ी में प्रदेशभर में यह अभियान चलाया जा रहा है।
अमित शाह पहले भी उठा चुके हैं पंजाब में नशे का मुद्दा
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले नशा एक बार फिर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। भाजपा की इस यात्रा को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही पंजाब में नशे की समस्या को लेकर चिंता जता चुके हैं और सत्ता में आने पर पंजाब को नशामुक्त बनाने का दावा कर चुके हैं।
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