चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में फिर से बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. लगातार चल रही चर्चा के बीच खबर है कि पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान का ऐलान कभी भी हो सकता है. बीते दिन कांग्रेस हाईकमान ने नए पंजाब कांग्रेस प्रधान का नाम और बाकी कमेटियों को लेकर फैसला फाइनल कर दिया, जिसके बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि पंजाब कांग्रेस में फेरबदल को लेकर कभी भी फैसला आ सकता है. प्रधान के लिए कुछ नामो की चर्चा अधिक सुनाई दे रही है, जिसके बाद कार्यकर्ताओं में भी यह इंतजार बेहद उत्सुकता भरा हो गया है.
फिलहाल, पंजाब कांग्रेस में प्रधानगी की कतार में सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला के नाम लाइन में चल रहे हैं. दिल्ली में हुई इस मीटिंग के बाद अब पंजाब कांग्रेस के नेताओं और वर्करों की नजरें हाईकमान के अगले कदम पर टिकी हैं. सियासी गलियारों में चर्चा है कि पंजाब कांग्रेस से जुड़े संगठनात्मक फैसलों का ऐलान एक-दो दिन में हो सकता है. हालांकि, यह साफ है कि पार्टी हाईकमान पंजाब को पॉलिटिकल तौर पर अहम राज्य मानता है और आने वाले विधान सभा को ध्यान में रखते हुए हर फैसला सोच-समझकर लेना चाहता है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में हाईकमान क्या फैसला लेता है.
सुखजिंदर रंधावा को प्रधान बनाने वाला लेटर फर्जी
आपको बता दें कि इस इंतजार के बीच कई तरह की झूठी बाते भी उड़ रही है. सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल हुआ था, जिसमें कहा गया था कि सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब कांग्रेस का नया प्रधान बनाया जाएगा, लेकिन रंधावा ने बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट करके साफ कर दिया था कि पार्टी की तरफ से ऐसा कोई लेटर जारी नहीं किया गया है और यह फर्जी है. उन्होंने कहा था कि यह उनकी रेप्युटेशन को नुकसान पहुंचाने की एक सोची-समझी साजिश है.
- नट समाज के बच्चों के भविष्य पर संकट! मिशल बंदोबस्त के कारण नहीं बना रहा जाति प्रमाण पत्र, समाज ने उपमुख्यमंत्री से लगाई गुहार
- MP का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलपमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपए, कैबिनेट बैठक में लिए अहम फैसले
- ‘ऐसे लोगों को तुरंत मार देना चाहिए’, जमुई घटना पर बोले अनंत सिंह, तेजस्वी के लिए कही ये बात
- रायपुर में गणेश झांकी के रूट पर डीजे-धुमाल का विरोध, बैन के लगे पोस्टर, व्यापारियों ने प्रशासन से की व्यवस्था की मांग
- दिल्ली SIR: 33 लाख ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से मांगा जवाब



