परगट सिंह का दावा- रैली में जुटेंगे एक लाख से ज्यादा लोग, भगवंत मान सरकार पर साधा निशाना; नशे, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठाए
पंजाब में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सरदार परगट सिंह ने 4 नवंबर को संगरूर में होने वाली ‘इंसाफ रैली’ को पंजाब के अधिकारों, न्याय और युवाओं के भविष्य से जुड़ा अहम आयोजन बताया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रैली को संबोधित करेंगे। कांग्रेस का दावा है कि इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से एक लाख से अधिक लोग शामिल होंगे।
पुलिस की जांच पर उठाए सवाल, निष्पक्षता पर दिया जोर
परगट सिंह ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और उसके निष्कर्ष ठोस सबूतों पर आधारित होने चाहिए। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का उदाहरण देते हुए उन्होंने जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब एक बड़े मामले की जांच में वर्षों लग गए, तो दूसरे मामले में महज दो घंटे के भीतर हत्या से जुड़े निष्कर्ष सामने आने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी जनता के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत करना है। यदि जांच प्रक्रिया पर संदेह पैदा होता है, तो इससे पुलिस और प्रशासन पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
नशा और बेरोजगारी युवाओं के भविष्य के लिए चुनौती
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भगवंत मान सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब में नशे की समस्या और बेरोजगारी युवाओं के सामने गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वह इन मुद्दों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाए, ताकि जनता की समस्याओं पर व्यापक चर्चा हो सके।
अफीम की खेती पर जल्दबाजी में फैसला न लेने की सलाह
सिंथेटिक ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए अफीम की खेती के प्रस्ताव पर परगट सिंह ने सावधानी बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस विषय पर कोई भी निर्णय विशेषज्ञ समिति की निगरानी में और सख्त नियमों के तहत लिया जाना चाहिए।
उन्होंने जोर दिया कि ऐसी नीति बनाई जानी चाहिए, जिससे नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके। किसी भी फैसले का उद्देश्य नशीले पदार्थों की उपलब्धता बढ़ाना नहीं, बल्कि समस्या को कम करना होना चाहिए।
सिर्फ आचार संहिता से नहीं सुधरेंगे हालात: परगट सिंह
परगट सिंह ने कहा कि केवल आदर्श आचार संहिता लागू करने से पंजाब की व्यवस्थागत समस्याओं का समाधान नहीं होगा। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय करने के साथ जनता का भरोसा बहाल करना भी जरूरी है।
उन्होंने दावा किया कि यदि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो शासन और प्रशासन का काम निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा। अब 4 नवंबर को संगरूर में प्रस्तावित ‘इंसाफ रैली’ के जरिए कांग्रेस किन मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला करती है और उसे जनता का कितना समर्थन मिलता है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।
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