पटियाला। पंजाब में खरीफ सीजन 2026 के तहत धान की कटाई के साथ ही खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि आ रही है. पलारी जलाने के मामले में आई तेजी के साथ यह भी कोशिश की जा रही है कि जल्दी इसे रोका जा सके, इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने समाज सेवी संस्थाओं की मदद लेने की भी सोची है जो ग्रामीणों को एक सकारात्मक सन्देश देंगी.

आपको बता दें कि पलारी जलाने पर सैटेलाइट से पैनी नजर रखी जा रही है. पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर (PRSC) द्वारा 15 सितंबर से शुरू की गई विशेष सैटेलाइट मॉनिटरिंग के बाद शुरुआती आंकड़े जारी किए हैं. शुरुआती 6 दिनों में राज्य में आग लगने के 15 मामले सामने आए हैं.
राहत की बात यह है कि पिछले दो वर्षों (2024 और 2025) की तुलना में इस बार 15 से 20 सितंबर के शुरुआती छह दिनों के दौरान पराली जलाने के मामलों में काफी गिरावट देखने को मिली है.

जारी सैटेलाइट डेटा के अनुसार, 15 सितंबर से पराली जलाने के मामलों की रिकॉर्डिंग शुरू कर दी गई. पहले दिन दो मामले सामने आए, जबकि 16 सितंबर को तीन मामले दर्ज किए गए। 17 सितंबर को खेतों में आग लगाने का कोई मामला नहीं मिला. वहीं, 18 और 19 सितंबर को एक-एक मामला सामने आया. अब 20 सितंबर को कुल 8 मामले सामने आए हैं.

जिलावार कुल पराली जलाने के मामले

अब तक दर्ज हुए कुल 15 मामलों में से सबसे ज्यादा 7 मामले अकेले अमृतसर जिले से सामने आए हैं, इसके बाद फिरोजपुर में 4, तरनतारन में 2 और होशियारपुर व शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) में 1-1 मामला दर्ज किया गया है.
अकेले 20 सितंबर को दर्ज 8 मामलों में से 6 मामले अमृतसर के (जंडियाला गुरु, मजीठा और बाबा बकाला ब्लॉक), 1 फिरोजपुर के गुरुहरसहाए ब्लॉक और 1 शहीद भगत सिंह नगर के बंगा ब्लॉक में दर्ज हुआ.प्रशासन की ओर से किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि आने वाले दिनों में पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके.