रविंद्र भारद्वाज, रायबरेली. सालों से अटकी सड़क परियोजनाओं को लेकर प्रदेश सरकार अब सख्त तेवर में है. सोमवार को निरीक्षण भवन में राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने NHAI और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर साफ कर दिया कि सड़क निर्माण में देरी, लापरवाही और गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बैठक में रायबरेली रिंग रोड फेज-2, बछरावां बाईपास, लालगंज बाईपास और टांडा-सुल्तानपुर-रायबरेली-बांदा मार्ग समेत जिले की प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की कड़ी समीक्षा की गई. अधिकारियों से परियोजनावार स्थिति, निर्माण की रफ्तार और समयसीमा को लेकर जवाब-तलब किया गया.

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राज्यमंत्री ने कहा कि उनके अनुरोध पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रायबरेली के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की घोषणा, लोकार्पण और शिलान्यास किया था. इसके बावजूद कई परियोजनाओं की धीमी रफ्तार को लेकर उन्होंने केंद्रीय मंत्री से शिकायत की. शिकायत के बाद केंद्रीय स्तर से अधिकारियों को निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और प्रस्तावित कार्यों को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.

मार्च 2027 की डेडलाइन, अब बहाने नहीं चलेंगे

राज्यमंत्री ने दावा किया कि रायबरेली रिंग रोड फेज-2 का काम तेजी से चल रहा है और इसका करीब 70 प्रतिशत हिस्सा मार्च 2027 तक जनता को समर्पित कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद पूर्ववर्ती जनप्रतिनिधि रिंग रोड का अपेक्षित कार्य पूरा नहीं करा सके, जबकि वर्तमान सरकार ने परियोजना के शेष हिस्से पर तेजी से काम शुरू कराया है. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाए और तय समयसीमा का हर हाल में पालन हो. निर्माण कार्य में लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.