रायपुर। राजधानी रायपुर में फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट के नाम पर पुलिस विभाग के एक डीएसपी से 5 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम में भरोसे का फायदा उठाकर अमानत में खयानत किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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जानकारी के अनुसार, पुनदास अंचल, निवासी न्यू राजेन्द्र नगर स्थित विजेता कॉम्पलेक्स, वर्तमान में पीएचक्यू नया रायपुर में डीएसपी पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि वे नरेश दामोहे नामक व्यक्ति को पिछले लगभग दो वर्षों से जानते हैं। नरेश दामोहे ने स्वयं को पेशे से वकील होने के साथ-साथ फाइनेंस और निवेश संबंधी कार्यों से जुड़ा बताया था, जिससे डीएसपी का उस पर विश्वास बन गया था।

शिकायत के अनुसार, नरेश दामोहे ने डीएसपी को अधिक मुनाफे का लालच देते हुए फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट का प्रस्ताव दिया। इसी भरोसे के आधार पर 25 जून को आरोपी ने डीएसपी से संपर्क कर उन्हें रायपुर शहर में अलग-अलग स्थानों पर बुलाया और पैसे निवेश कराने का दबाव बनाया।

पहले चरण में उन्हें दोपहर करीब 3:30 बजे कमल विहार स्थित श्री वेंकट अस्पताल के सामने बुलाया गया, जहां आरोपी ने दावा किया कि उनकी नकदी राशि को दोगुना करके वापस किया जाएगा। इसके बाद उन्हें कहा गया कि उनके कथित “लोग” मौके पर नहीं पहुंचे हैं, इसलिए आगे की प्रक्रिया बाद में पूरी होगी।

इसके बाद डीएसपी को शाम करीब 4:30 बजे अभनपुर रोड स्थित प्रोग्रेसिव प्वाइंट पर बुलाया गया। वहां भी उन्हें फिर से आश्वासन दिया गया कि निवेश का कार्य रात में पूरा किया जाएगा और उन्हें अलग स्थान पर बुलाया जाएगा।

इसके बाद रात करीब 9:06 बजे आरोपी ने फोन कर उन्हें कटोरा तालाब स्थित नेताजी चौक पर बुलाया। वहां पहुंचने पर नरेश दामोहे अपने दो अन्य साथियों के साथ पहले से मौजूद मिला। इसके बाद सभी लोग डीएसपी की निजी कार (सीजी 04 क्यूई-8329) में सवार होकर इलेवन स्टार गार्डन, कटोरा तालाब पहुंचे।

घटनाक्रम के अनुसार, वहां पहुंचने के बाद नरेश दामोहे के एक साथी ने अन्य लोगों को फोन कर मौके पर बुलाया। कुछ ही देर में तीन अन्य व्यक्ति वहां पहुंचे और आपस में बहस और वाद-विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।

इसी बीच डीएसपी ने बताया कि उन्होंने कार में रखा सूटकेस दिखाया, जिसमें 5 लाख रुपये नकद (500-500 रुपये के नोटों के दो बंडल—प्रत्येक 2.50 लाख रुपये) और बैंक से संबंधित दस्तावेज रखे थे। आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ने पर डीएसपी वाहन से बाहर निकल गए, क्योंकि उन्हें झगड़े और मारपीट का डर महसूस हुआ।

जब वह कुछ देर बाद वापस अपनी कार के पास पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि वाहन में रखा सूटकेस गायब था। हालांकि मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज कार में ही मौजूद थे। इस दौरान नरेश दामोहे और उसके साथी मौके से फरार हो चुके थे।

इसके बाद डीएसपी ने आरोप लगाया कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से उन्हें विभिन्न स्थानों पर बुलाकर भ्रमित किया और अंततः 5 लाख रुपये की नकदी हड़प ली। उन्होंने बताया कि घटना के बाद दो दिनों तक आरोपियों से कोई संपर्क नहीं हो सका।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अमानत में खयानत (Criminal Breach of Trust) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे घटनाक्रम के तकनीकी एवं कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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