मुंबई के जेजे और भायखला इलाके में मोहर्रम जुलूस के दौरान कथित तौर पर जहरीले कैप्सूल बांटने की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी फैयाज प्रेमजी को 14,900 कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह “दर्द से राहत” की दवा बताकर लोगों को ये कैप्सूल दे रहा था।
शिकायत के बाद खुला मामला
पुलिस के मुताबिक, जुलूस के दौरान एक व्यक्ति ने आरोपी से कैप्सूल लिया। सेवन के कुछ समय बाद उसे पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। इससे लोगों को संदेह हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। जांच के दौरान आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
30 हजार जहरीले कैप्सूल बनाने की थी तैयारी
पुलिस जांच में पता चला कि बरामद 14,900 कैप्सूल में प्रत्येक में करीब एक ग्राम जिंक फॉस्फाइड भरा गया था। आरोपी ने कथित तौर पर 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड मंगाया था और करीब 30 हजार जहरीले कैप्सूल तैयार करने की योजना बना रहा था।
ईरान-इराक यात्रा की भी जांच
डीसीपी जयंत मीणा के अनुसार, आरोपी पुणे का रहने वाला है और पेंट का कारोबार करता है। पूछताछ में सामने आया कि वह वर्ष 2025 में ईरान और इराक गया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन विदेश यात्राओं का इस मामले से कोई संबंध है या नहीं।
कितना खतरनाक है जिंक फॉस्फाइड?
जिंक फॉस्फाइड एक अत्यंत विषैला रसायन है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से चूहे मारने की दवा बनाने में किया जाता है। पेट में पहुंचने के बाद यह फॉस्फीन गैस बनाता है, जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन का उपयोग करने से रोक देती है। इससे कई महत्वपूर्ण अंग तेजी से प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इसकी कम मात्रा भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसका कोई विशेष एंटीडोट उपलब्ध नहीं है और मरीज का इलाज केवल सपोर्टिव ट्रीटमेंट के जरिए किया जाता है। भारत में इसकी बिक्री और उपयोग कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत नियंत्रित है।
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