Venezuela Earthquake: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो बड़े भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। 45 सेकंड के अंदर आए 7.1 तीव्रता और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप ने वेनेजुएला में हर जगह सिर्फ तबाही और बरबादी छोड़ा है। वेनेजुएला में भूंकप से सैंकड़ों इमारतें जमींदोज हो गई। वहीं 10 हजार से अधिक लोगों के मरने की संभावना है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। हालांकि अभी तक सरकार ने किसी मौत के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं। यह पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है। इससे पहले 1900 में 7.7 का तीव्रता का भूकंप आया था। राहत और बचाव अभियान जारी है।

यूएस जियोलॉजिकर सर्वे के मुताबिक पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था और इसका केंद्र राजधानी कराकास से करीब 20 किमी दूर काराबोबो राज्य में था। इसके कुछ ही सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और ज्यादा शक्तिशाली भूकंप आया।

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे यानी यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस-USGS) ने भूकंप से वेनेजुएला में 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका जताई है। USGS के मुताबिक भूकंप से 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 44% और 1,00,000 से ज्यादा मौत की 30% आशंका है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, यह वेनेजुएला में पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है। इससे पहले साल 1900 में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। USGS ने चेतावनी दी है कि इस भूकंप में भारी जनहानि हो सकती है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले भूकंपों ने पूरे दक्षिण अमेरिका को इलाके को हिलाकर रख दिया। भूकंप का असर वेनेजुएला से करीब 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन जैसे शहरों में दिखा। इन शहरों में भी इमारतों को खाली कराना पड़ा। बुधवार देर रात, कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा कि वह देश को संबोधित करने की तैयारी कर रही थीं।

 राजधानी काराकस में सबसे ज्यादा असर

भूकंप का सबसे ज्यादा असर राजधानी काराकस में देखने को मिसा है। राजधानी काराकस में कई इमारतें और घर गिर गए। कराकस एयरपोर्ट की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। इससे धूल का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। लोग डर के मारे बाहर भागे और सदमे में रहे। राजधानी में भूकंप से हजारों लोगों के मरने की आशंका है।

राष्ट्रपति ने आपातकाल की घोषणा की

राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने बुधवार रात पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। उन्होंने डॉक्टरों और नर्सों से तुरंत अस्पताल पहुंचकर घायलों का इलाज शुरू करने की अपील की। साथ ही कराकस के पास स्थित माइकेतिया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अगली सूचना तक बंद रखने का ऐलान किया। राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ने भूकंप में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। हालांकि उन्होंने मृतकों की संख्या नहीं बताई। उन्होंने कहा कि सरकार राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत से लगी है। राष्ट्रपति के मुताबिक, भूकंप में एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा कारणों से उसे फिलहाल बंद रखा गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में झटकों के दौरान यात्री टर्मिनल से बाहर भागते नजर आए।

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