जो दूर है, वही कोहिनूर है… अनोखा सत्य है जीवन का कि जो चीज़ हमारे पास होती है उसकी कद्र उस वक्त तक नहीं होती जब तक वह हमसे दूर न हो जाए। “Absence makes the heart grow fonder” यानी किसी वस्तु या व्यक्ति की अनुपस्थिति या अभाव दिल को और भी स्नेही बना देता है। अंग्रेजी की यह कहावत अनुभवों से निकला हुआ जीवन सार है।

कोई व्यक्ति, वस्तु या पल जब हमारे जीवन में मौजूद होता है तो वह हमें सहज लगता है क्योंकि उसकी उपस्थिति हमें सामान्य घटना लगने लगती है। लेकिन जैसे ही वह वस्तु या व्यक्ति दूर होता है उसकी कमी हमें भीतर से खाली करने लगती है। यही शून्यता हमें ही हमे दूरस्थ वस्तु या व्यक्ति की अहमियत का एहसास कराती है।

रिश्तों और व्यक्तिगत सम्बन्धों में यह बात और भी गहराई से महसूस होती है। वांछित व्यक्ति या वस्तु की उपस्थिति खास महावपूर्ण नहीं होती जब तक वह समीप या हमारी पहुंच के भीतर होती है इसके उलट जब वही हमारी ज़द से दूर हो जाती है तो उसकी हर बात महत्व की हो जाती है। दूरी भावनाओं को और भी मजबूत बनाने का काम करती है। यह सत्य जीवन के हर स्थिति परिस्थिति मे लागू होता है चाहे वह समय हो, अवसर हो, या कोई प्रिय स्थान। वर्तमान हमेशा से नजरअंदाज किया जाता रहा है और गए समय के लिए सदा से ही दुखी हुआ जाता रहा है। जो बीत या जो खो गया वह बहुमूल्य हो जाता है।

अभाव और अनुपस्थिति हमें सिखाती है कि इस वक्त इस घड़ी जो है वही अनमोल है। कुछ छूट जाने और खो जाने का भय हमे वर्तमान में जीने और हर पल के कद्र करने के लिए प्रेरित करता है। क्योंकि यह भी मानवीय दुर्गुण कि जब हम किसी चीज़ की कमी महसूस करते हैं तभी हमारे भीतर उसके प्रति सच्चा प्रेम और सम्मान जागता है। इस लेख का सार यही है कि आज जो पास है उसे संजोकर रखें। क्योंकि जिस दिन वह पास नहीं होगा तभी महसूस होगा कि वही सब कुछ था। “जो नहीं है, वही सब कुछ है” यह एक गहरा जीवनदर्शन है। अनुपस्थिति,अभाव, एकाकी और सूनापन, प्रेम, मूल्य और संवेदनाओं का असली अर्थ समझाने वाला शिक्षक होता है।

संदीप अखिल

सलाहकार संपादक

न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H