Rajasthan News: राजस्थान के अजमेर जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्य प्रारंभिक शिक्षा) के कार्यालय को न्यायालय के आदेश पर सील कर दिया गया। यह कार्रवाई शिक्षकों के 1.75 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को लेकर की गई। अधिकारियों द्वारा बार-बार आदेश की अनदेखी करने के कारण कोर्ट ने यह सख्त कदम उठाया।

न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं किया भुगतान
मामला 2015 का है, जब छह सरकारी शिक्षकों की सेवा परिलाभ राशि शिक्षा विभाग पर बकाया थी। शिक्षकों ने कई बार विभाग से भुगतान की मांग की, लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया गया। अंततः उन्होंने न्यायालय की शरण ली, जहां से प्रारंभिक शिक्षा विभाग को बकाया राशि चुकाने का निर्देश दिया गया।
30 सितंबर 2024 को न्यायालय ने विभाग को नजीर भेजकर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा था। हालांकि, विभाग ने एक माह का अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन सात महीने बीत जाने के बावजूद भी शिक्षकों को उनका हक नहीं मिला।
ऑफिस सील, फर्नीचर बाहर निकाला
बुधवार को सिविल न्यायाधीश उत्तर के मजिस्ट्रेट यश बिश्नोई के आदेश पर नजीर अपनी टीम के साथ शिक्षा विभाग पहुंचे। जब अधिकारियों ने फिर से भुगतान देने से इनकार किया, तो कोर्ट ने सख्त कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के चेंबर से सभी फर्नीचर बाहर निकालकर ऑफिस को सील कर दिया।
सालों से बकाया राशि के लिए संघर्ष कर रहे शिक्षक
इस कार्रवाई पर शिक्षिका हेमलता वर्मा ने कहा कि वे और उनके साथी शिक्षक सालों से अपनी मेहनत की कमाई के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन विभाग उनकी मांगों को लगातार अनदेखा कर रहा था। कोर्ट के आदेश के बावजूद भुगतान न होना शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। अब देखना होगा कि आगे विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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