Rajasthan News: राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र में सरकारी स्कूल की छत और दीवार गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में 7 बच्चों की मौत और 27 के घायल होने पर पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए इस घटना को हादसा नहीं, बल्कि ‘हत्या’ करार दिया है। गुंजल ने शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।

‘जर्जर भवन की जानकारी थी, फिर भी अनदेखी’
गुंजल ने कहा कि स्कूल प्रशासन ने समय रहते शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को लिखित रूप से सूचित कर दिया था कि भवन जर्जर है और इसमें स्कूल संचालित करना खतरनाक है। इसके बावजूद, कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा, “शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और सरकार की अनदेखी के कारण स्कूल को मजबूरी में जर्जर इमारत में ही चलाया जा रहा था, जिसके परिणामस्वरूप यह दुखद घटना हुई।
“‘बच्चे सपने लेकर आते हैं, सरकार जिम्मेदारी से न भागे’
कांग्रेस नेता ने कहा कि जब कोई बच्चा स्कूल जाता है, तो वह अपने माता-पिता के भविष्य के सपनों को साथ लेकर जाता है। लेकिन जब वह वापस नहीं लौटता, तो माता-पिता पर क्या बीतती है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। उन्होंने चेतावनी दी कि राजस्थान में अभी भी हजारों स्कूल जर्जर इमारतों में चल रहे हैं। गुंजल ने कहा कि इस हादसे से सबक लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
शिक्षा मंत्री पर निशाना: ‘नौटंकी बंद करें’
गुंजल ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “शिक्षा मंत्री रोज नौटंकी भरी बयानबाजी करते हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। बच्चे भारत का भविष्य हैं, लेकिन आप उन्हें जर्जर भवनों में बिठाकर उनकी जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है और कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती।
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