Rajasthan News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज अपने उत्तर प्रदेश दौरे के आखिरी दिन ब्रज की पावन धरा पर पहुंचीं। उन्होंने न केवल गोवर्धन पर्वत की 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा की, बल्कि राजस्थान के भरतपुर जिले के पूंछरी के लौठा में पहुंचकर मत्था भी टेका। इस दौरान समूचा ब्रज क्षेत्र गिरिराज धरण की जय के जयकारों से गुंजायमान रहा।

राजस्थान की सीमा पर जोरदार स्वागत
दरअसल, राष्ट्रपति के स्वागत के लिए राजस्थान सरकार के प्रभारी मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम पहले से ही पूंछरी के लौठा में मौजूद थे। जैसे ही राष्ट्रपति वहां पहुंचीं, उनका पारंपरिक तरीके से अभिनंदन किया गया। गौरतलब है कि 21 किमी की इस परिक्रमा का करीब डेढ़ किलोमीटर का हिस्सा राजस्थान की सीमा से गुजरता है, जहाँ ब्रज कलाकारों ने लोक नृत्यों के जरिए अपनी संस्कृति की अद्भुत झलक पेश की।
11 किलो दूध से महाभिषेक
ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, परिक्रमा शुरू करने से पहले राष्ट्रपति मथुरा के प्रसिद्ध दानघाटी मंदिर पहुंचीं। मंदिर के रिसीवर दीप चंद्र कौशिक ने बताया कि राष्ट्रपति ने 11 किलो दूध, दही, शहद, घी और बूरा से गिरिराज जी का महाभिषेक किया। पूजन के बाद उन्हें गिरिराज जी की चांदी की प्रतिमा और विशेष प्रसाद भेंट किया गया।
गोल्फ कार्ट से पूरी की 7 कोस की परिक्रमा
बता दें कि राष्ट्रपति ने गोल्फ कार्ट के जरिए 7 कोस करीब 21 किमी की परिक्रमा शुरू की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। परिक्रमा मार्ग में आमजन और श्रद्धालुओं ने भी राष्ट्रपति का अभिवादन किया। इस धार्मिक यात्रा को पूरा करने के बाद राष्ट्रपति सीधे नई दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
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