Rajasthan News: राजस्थान पुलिस महकमे के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको सुन्न कर दिया है। महकमे के एक जांबाज और सीनियर IPS अधिकारी पिछले 3 महीनों से मिस्टर इंडिया बने हुए हैं। हम बात कर रहे हैं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग ब्रांच के आईजी कालूराम रावत की, जो 12 जनवरी के बाद से अपनी सीट पर नहीं लौटे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि उन्होंने सिर्फ एक दिन के लिए बुखार का मैसेज किया था, लेकिन वो एक दिन आज 90 दिनों में बदल चुका है। मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी अब सिर खुजला रहे हैं कि आखिर साहब गए तो गए कहां?

सिर्फ एक मैसेज और फिर सन्नाटा

मामला 12 जनवरी 2026 का है। उस वक्त कालूराम रावत पुलिस मुख्यालय में डीआईजी (हाउसिंग) के पद पर तैनात थे। उन्होंने अपने सीनियर अफसर को मोबाइल पर एक छोटा सा मैसेज भेजा तबीयत ठीक नहीं है, बुखार है, आज नहीं आ पाऊंगा। विभाग को लगा कि साहब कल आ जाएंगे, लेकिन कल कभी नहीं आया। इसी बीच विभाग में पदोन्नति की लिस्ट आई और रावत साहब प्रमोट होकर आईजी बन गए। फरवरी में उनका तबादला भी हुआ, लेकिन न प्रमोशन की खुशी मनाने कोई आया और न ही नई कुर्सी पर किसी ने जॉइनिंग दी।

प्रमोशन और ट्रांसफर भी नहीं खींच पाए वापस

23 फरवरी को सरकार ने आदेश जारी कर कालूराम रावत को आईजी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग बनाया था। पुलिस मुख्यालय (PHQ) में चर्चा है कि अमूमन प्रमोशन और नई पोस्टिंग के लिए अधिकारी एड़ी-चोटी का जोर लगा देते हैं, लेकिन रावत साहब ने इस आदेश की तरफ मुड़कर भी नहीं देखा। अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ बीमारी है या पर्दे के पीछे कोई और बड़ी वजह? विभाग के सूत्रों का कहना है कि इतने सीनियर लेवल का अफसर बिना किसी लिखित सूचना के इतने दिन गायब रहे, ऐसा राजस्थान पुलिस के इतिहास में कम ही देखा गया है।

ADG ने थमाया नोटिस, जवाब का इंतजार

काफी इंतजार के बाद जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तो एडीजी (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसेफ ने सख्त रुख अपनाते हुए रावत को रिकॉल नोटिस जारी किया है। नोटिस में साफ पूछा गया है कि आखिर बिना बताए ड्यूटी से नदारद रहने की वजह क्या है? एडीजी जोसेफ के मुताबिक, अगर कोई वैध कारण है तो अधिकारी छुट्टी ले सकते हैं, लेकिन इस तरह गायब रहना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। फिलहाल इस नोटिस का भी कोई जवाब नहीं मिला है, जिससे पुलिस महकमे में हलचल और बढ़ गई है।

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