Rajasthan News: जयपुर की जनता कॉलोनी स्थित खंडेलवाल सेवा सदन में चल रही भागवत कथा के दौरान एक शातिर लुटेरी गैंग ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। गैंग में शामिल तीन महिलाएं पीले रंग की साड़ी पहनकर और घूंघट निकालकर आई थीं। भजन और नंदोत्सव के दौरान इन महिलाओं ने नाचते-गाते श्रद्धालुओं की चेन और मंगलसूत्र चुरा लिए।

CCTV में वारदात का पूरा वीडियो
इस घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें तीनों महिलाएं भीड़ में घूंघट के पीछे बड़ी सफाई से महिलाओं के गहने चुराती नजर आ रही हैं। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि ये महिलाएं किस तरह भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देती हैं।
FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
आदर्श नगर पुलिस ने घटना को लेकर FIR दर्ज कर ली है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गैंग को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सिर्फ तीन महिलाएं थीं घूंघट में
FIR के मुताबिक, भागवत कथा का आयोजन हरिमोहन मामोडिया द्वारा कराया जा रहा था, जिसमें शहरभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। बीते सोमवार शाम 3 से 8 बजे तक कथा और फिर नंदोत्सव का कार्यक्रम हुआ। इसी दौरान तीन महिलाओं ने घूंघट में रहकर वारदात को अंजाम दिया। कार्यक्रम में बाकी सभी महिलाएं बिना घूंघट के थीं, केवल तीन महिलाएं ही चेहरा ढके नजर आईं।
घटना से श्रद्धालुओं में नाराजगी
घटना के बाद श्रद्धालुओं में रोष है। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों में इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त कार्रवाई की जा सके।
पढ़ें ये खबरें
- IPS अंकिता शर्मा के समर्थन में भाजपा विधायक, कहा- देशभर में 100 से अधिक महिलाओं ने विजयदशमी पर की हर्ष फायरिंग, आईजी यादव के बयान पर जताई आपत्ति
- बिहार MLC चुनाव: मतदान के बीच अनंत सिंह के आवास पर मन रहा जीत का जश्न, अनुज सिंह को दिया है समर्थन
- एक छोटा सा कपूर और वास्तुदोष का परमानेंट इलाज! जानें वो गुप्त तरीका जो कोई नहीं बताता
- पहले FIR नहीं, अब पेंशन-रिटायरमेंट बेनिफिट्स मिलेंगे; कैश कांड के आरोपी जज यशवंत वर्मा को लोकसभा से भी राहत देने की तैयारी !
- अक्षरा सिंह से माफी के बाद फिर आमने-सामने पवन और ज्योति सिंह, जानिए पुरानी शादी, तलाक की अर्जी और ताजा विवाद का पूरा सच
