Rajasthan Nikay Chunav 2026 के बाद खैरथल नगर परिषद में बोर्ड बनाने को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 45 वार्ड वाली नगर परिषद में कांग्रेस ने 20, बीजेपी ने 8 और निर्दलीयों ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की है। किसी भी दल के पास बहुमत नहीं है। ऐसे में अब बोर्ड की चाबी निर्दलीय पार्षदों के हाथ में है। इसी बीच बीजेपी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विक्रम सिंह उर्फ विक्की चौधरी को अपने पाले में लाकर खैरथल की सियासत का समीकरण बदलने की कोशिश की है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को बीजेपी ने अपने पाले में लिया

विक्रम सिंह उर्फ विक्की चौधरी मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए। उनके बीजेपी में आने के बाद खैरथल नगर परिषद में बोर्ड गठन की तस्वीर पहले जैसी नहीं रही। विक्रम चौधरी ने दावा किया है कि वह 11 पार्षदों को बीजेपी में शामिल कराएंगे। अगर उनका दावा जमीन पर उतरता है तो बीजेपी बोर्ड बनाने के लिए जरूरी संख्या के काफी करीब पहुंच सकती है। खैरथल नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए 23 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। बीजेपी के पास फिलहाल 8 निर्वाचित पार्षद हैं। ऐसे में पार्टी की नजर अब 17 निर्दलीय पार्षदों पर है।

विक्रम चौधरी ने सभापति पद का फॉर्म भी लिया

बीजेपी में शामिल होने के बाद विक्रम चौधरी ने रिटर्निंग अधिकारी लालचंद के सामने पार्षद पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके बाद उन्होंने सभापति पद के नामांकन का फॉर्म भी लिया। विक्रम चौधरी के मुताबिक वह बुधवार को सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। यानी बीजेपी में शामिल होने के साथ ही उन्होंने सभापति की दौड़ में भी अपनी दावेदारी सामने रख दी है। रिटर्निंग अधिकारी लालचंद के अनुसार विक्रम चौधरी से पहले सभापति पद के लिए तीन नामांकन फॉर्म लिए जा चुके हैं। इनमें कर्ण चौधरी, ओमप्रकाश रोघा और सर्वेश गुप्ता के नाम शामिल हैं।

17 निर्दलीय पार्षदों पर दोनों दलों की नजर

खैरथल में असली मुकाबला अब 17 निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ जोड़ने का है। कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन बहुमत से तीन सीट दूर है। बीजेपी के पास 8 सीटें हैं और उसे बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए ज्यादा समर्थन जुटाना होगा। यही वजह है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर टिकी है। विक्रम चौधरी के बीजेपी में आने और 11 पार्षदों को साथ लाने के दावे ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।

खैरथल में अब सभापति की कुर्सी पर नजर

खैरथल में अब सिर्फ बोर्ड गठन ही नहीं, सभापति पद को लेकर भी सियासी हलचल बढ़ गई है। विक्रम चौधरी ने नामांकन फॉर्म लेकर अपनी दावेदारी स्पष्ट कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि विक्रम चौधरी अपने साथ 11 पार्षद लाने के दावे को कितना सफल बना पाते हैं और 17 निर्दलीय पार्षदों में से कितने उनके साथ आते हैं। खैरथल का चुनावी गणित फिलहाल बेहद करीबी है। कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा सीटें हैं, बीजेपी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को अपने पाले में करके नई चाल चली है और निर्दलीय पार्षद अब पूरे खेल में सबसे अहम हो गए हैं।

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