Rajasthan Politics: झालावाड़ के पिपलोदी स्कूल हादसे में मृतक बच्चों के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर नरेश मीणा आमरण अनशन पर हैं। सात दिन से जारी इस आंदोलन के बीच गुरुवार रात उनकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस ने उन्हें अनशन स्थल से उठाकर जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वे ICU में हैं।

इसी दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास उनसे मिलने पहुंचे और पानी पिलाया। इसके बाद खबर आई कि नरेश मीणा ने अनशन तोड़ दिया है। लेकिन नरेश मीणा ने साफ किया है कि उनका अनशन अभी भी जारी है। उन्होंने कहा मैंने सिर्फ पानी पिया है, अनशन नहीं तोड़ा। यह तभी खत्म होगा जब सरकार सभी मांगें मान लेगी।
मीणा ने सोशल मीडिया पर भी बयान जारी करते हुए लिखा मेरा मौन और अन्न त्याग जारी है। आमरण अनशन तब तक चलेगा जब तक झालावाड़-पिपलोदी हादसे में दिवंगत मासूम बच्चों के परिजनों को न्याय नहीं मिलता। सभी साथी गांधीवादी तरीके से आंदोलन को जारी रखें।
खाचरियावास ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह राजस्थान सरकार ने मासूम बच्चों के परिजनों को बकरियां देकर सांत्वना देने की कोशिश की, वह बेहद शर्मनाक और अपमानजनक है। उन्होंने इसे अन्याय बताते हुए कहा कि इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता।
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