रजनीगंधा, राजश्री, विमल, पान पराग में जानलेवा मैग्नीशियम कार्बोनेट, इसे बंद करने की तैयारी में छत्तीसगढ़ सरकार …

रायपुर. पान मसाले के मनमोहक विज्ञापन तो आपने भी देखे होंगे, लेकिन इन पान मसालों में मैग्नीशियम कार्बोनेट से खतरनाक रसायन मिलने की पुष्टि जांच में हुई है.

तमाम पान मसाले की जांच पिछले वर्ष शासकीय प्रयोगशाला में सरकार द्वारा करवाई गई थी. इस रिपोर्ट के बाद छत्तीसगढ़ सरकार रजनीगंधा, राजश्री, विमल, पान पराग जैसे बड़े पान मसाला ब्रांड में जानलेवा मैग्नीशियम कार्बोनेट रसायन मिलने की पुष्टि हुई. सरकारी सूत्र ने लल्लूराम को बताया है कि  ऐसे सभी पान मसाले सेहत के लिए हानिकारक है और यही कारण है कि इसके प्रतिबंध करने की तैयारी है. यदि ऐसा हुआ तो दिल्ली, बिहार, राजस्थान के बाद अब छत्तीसगढ़ वो राज्य होगा जहां पान मसाले प्रतिबंध होगा.

पान मसाला के नमूनों की जांच में पाया गया प्रतिबंधित मैग्नीशियम कार्बोनेट

मैग्नीशियम कार्बोनेट की इतनी मिलावट

रजनीगंधा (1.27 प्रतिशत)

पान बहार (3.73)

प्रीमियम नजर (0.83)

राजश्री (0.97)

प्रीमियम नजर गुटखा (4.59)

वाहपान मसाला (0.13)

विमल (1.41)

पान पराग (3.32)

वाहपान मसाला (0.13)

विमल (1.41)

राज 1000 (1.68)

मैग्नीशियम कार्बोनेट से हृदय रोग समेत अन्य कई बीमारियां होने का खतरा

 

क्या होता है मैग्नीशियम कार्बोनेट

मैग्नीशियम कार्बोनेट एक रासायनिक पदार्थ है. इसे पान मसाले में नशे के अलावा नमी से बचाने के लिए मिलाया जाता है. यह एक तरह का हैवी मेटल है. इसकी खासियत यह है कि अगर इसका दो-चार बार सेवन कर लिया जाए तो इसे बार-बार खाने का मन करता है. शरीर में इसकी मात्रा अधिक पहुंचने से जान का खतरा बढ़ सकता है.

मैग्नीशियम कार्बोनेट से रुक सकती है दिल की धड़कन

डॉक्टरों के मुताबिक मैग्नीशियम कार्बोनेट एक तरह का जहर है.  कैंसर के अलावा इसकी मात्रा खून में बढ़ने से हृदय गति रुकने की संभावना भी बढ़ जाती है. इसके अलावा मिचली, उल्टी, डायरिया तथा मुंह, होठ, जीभ व गले में सूजन तथा हाइपर टेंशन जैसी बीमारियां भी इससे होने की आशंका रहती है.

Related Articles

Back to top button
Close
Close
धन्यवाद, लल्लूराम डॉट कॉम के साथ सोशल मीडिया में भी जुड़ें। फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो करें एवं हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।