रांची। झारखंड की राजधानी रांची ने शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से जुड़े युवाओं के मामले में देश के बड़े जिलों के बीच बेहतर स्थिति दर्ज की है। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन की ओर से जारी सावधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) की जिला स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार, रांची में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 83.5 प्रतिशत युवा शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से जुड़े हुए हैं, जबकि केवल 16.5 प्रतिशत युवा NEET श्रेणी में हैं।
NEET यानी ऐसे युवा जो न तो शिक्षा से जुड़े हैं, न रोजगार में हैं और न ही किसी प्रशिक्षण का हिस्सा हैं। 18 सितंबर को जारी यह रिपोर्ट पहली बार जिला स्तर पर श्रम बल से जुड़े अनुमान लेकर आई है।
रांची की NEET दर 16.5 प्रतिशत
रिपोर्ट के अनुसार, देश के सबसे अधिक आबादी वाले 100 जिलों में रांची भी शामिल है। इन जिलों में रांची की NEET दर अपेक्षाकृत कम है। केरल के एर्नाकुलम, तमिलनाडु के कोयंबटूर और कर्नाटक के बेंगलुरु शहर के बाद रांची का स्थान बताया गया है।
झारखंड की बात करें तो राज्य में 15 से 29 वर्ष के करीब 79 प्रतिशत युवा शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से जुड़े हैं, जबकि राज्य की NEET दर 21 प्रतिशत दर्ज की गई है।
पश्चिमी सिंहभूम में NEET दर सबसे कम
झारखंड के जिलों में पश्चिमी सिंहभूम की NEET दर रांची से भी कम 10.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं राज्य में सबसे अधिक NEET दर देवघर में 32.4 प्रतिशत रही।
पश्चिमी सिंहभूम में श्रमबल सहभागिता सबसे ज्यादा
रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड में श्रमबल सहभागिता दर (LFPR) सबसे अधिक पश्चिमी सिंहभूम में 68.3 प्रतिशत दर्ज की गई। इसी जिले में कार्यबल सहभागिता दर (WPR) भी सबसे ज्यादा 67.1 प्रतिशत रही।
महिला श्रमबल सहभागिता दर के मामले में भी पश्चिमी सिंहभूम 55.7 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। हालांकि, महिला कार्यबल सहभागिता दर सबसे अधिक गिरिडीह में 54.4 प्रतिशत दर्ज की गई।पूरे झारखंड की श्रमबल सहभागिता दर 59.8 प्रतिशत और कार्यबल सहभागिता दर 58.2 प्रतिशत रही।
पलामू में बेरोजगारी सबसे कम, बोकारो में सबसे ज्यादा
बेरोजगारी दर के मामले में झारखंड में पलामू सबसे आगे रहा, जहां बेरोजगारी दर महज 1.1 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं बोकारो में यह दर सबसे अधिक 8.6 प्रतिशत रही।रांची में बेरोजगारी दर 2.7 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राज्य की औसत बेरोजगारी दर के बराबर है।
देश के बड़े जिलों में भी रांची की स्थिति
देश के 100 सबसे अधिक आबादी वाले जिलों के आकलन में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की बेरोजगारी दर के मामले में केरल के तिरुवनंतपुरम और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 1.9-1.9 प्रतिशत तथा कर्नाटक के बेंगलुरु शहरी में 2.5 प्रतिशत दर दर्ज की गई। रांची में यह दर 2.7 प्रतिशत रही।



