रेप पीड़िता 5 साल की बच्ची के दर्द पर भारी पड़ी डॉक्टरों की असंवेदनशीलता, मंत्री रमशीला को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। बलात्कार.. वो अपराध, जिसमें केवल तन ही नहीं, बल्कि मन भी लहूलुहान होता है. इस दर्द को भूल पाना इतना आसान नहीं होता. अब तो हैवानों ने हैविनायत की इंतहां ही कर दी है, कि वो एक बच्चे के शरीर को भी औरत के शरीर के रूप में देखते हैं. उन्हें उस जीवित इंसान की न तो संवेदना की परवाह होती है, न भावनाओं की और न तो उसके तन और मन को होने वाले असहनीय दर्द की.

5 साल की बच्ची के साथ रेप, सरकारी डॉक्टर की असंवेदनशीलता उजागर

महासमुंद में 5 साल की छोटी सी बच्ची के साथ पड़ोसी ने रेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. ये दर्द तो मासूम के लिए भयावह था ही, ऊपर से सरकारी अस्पताल ने उसे जो जख्म दिया, उसने भी सरकारी तंत्र की असंवेदनशीलता को उजागर कर दिया. वो बच्ची जो ये तक नहीं जानती थी कि रेप होता क्या है, शारीरिक संबंध क्या होते हैं, ये दिन तो बस उसके खाने, खेलने और पढ़ने के थे. बावजूद उसे इसी उम्र में रेप जैसी वारदात का शिकार होना पड़ा.

बेबस माता-पिता अपनी मासूम बच्ची को लेकर सबसे पहले सरकारी डॉक्टर अलका परदल के घर गए, जहां उन्होंने बच्ची को देखा तक नहीं और प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दे डाली.

जब असहाय माता-पिता उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, तो ड्यूटी डॉक्टर नागेश्वर राय बच्ची को देखने तक नहीं आए. स्टाफ ने पुलिस को खबर नहीं की और बच्ची को दर्द का इंजेक्शन लगाकर प्राइवेट अस्पताल जाने को कह डाला. बेबस माता-पिता को निजी अस्पताल में भी डॉक्टर नहीं मिला. इसके बाद वे मासूम को लेकर घर लौट आए.

अगले दिन निजी अस्पताल के डॉक्टर ने बच्ची का इलाज किया और पुलिस को खबर की. अब आप सोच सकते हैं कि इस बीच बच्ची को किस पीड़ा से गुजरना पड़ा होगा. इस उम्र में रेप की विभीषका सहना और इलाज मिलने में देरी ने उसे कितना कष्ट पहुंचाया होगा. इसी वजह से मामला दर्ज होने में भी करीब 15 घंटे का वक्त लग गया.

मंत्री रमशीला साहू को सौंपा ज्ञापन

इस घटना से आक्रोशित बाल संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष शताब्दी पांडे, सामाजिक कार्यकर्ता आभा मिश्रा, लीना एंटी, गौरी मुकासदार, वर्षा तिवारी महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू के पास पहुंची और उन्हें ज्ञापन सौंपा. ये सभी महिला समन्वय की सदस्य भी हैं. इन्होंने ज्ञापन सौंपकर मंत्री जी से कार्रवाई की मांग की. इन्होंने सरकारी डॉक्टर अलका परदल पर सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की.

मंत्री रमशीला साहू ने इस मामले में कार्रवाई करने का उन्हें आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि वे कार्रवाई के लिए कलेक्टर को पत्र लिखेंगी.

क्या है पूरा मामला?

महासमुंद के कोतवाली थाना इलाके में 5 साल की बच्ची के साथ पड़ोसी किशन यादव ने बलात्कार किया. रोती-बिलखती बच्ची माता-पिचा के पास पहुंची. उसके प्राइवेट पार्ट्स से बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही थी. माता-पिता ये देखकर सहम से गए. उनके पूछने पर बच्ची ने कहा कि ये सब पड़ोसी किशन यादव ने किया है.

माता-पिता का कहना है कि सरकारी डॉक्टर अलका परदल ने बच्ची को प्राइवेट अस्पताल ले जाने को कह दिया. सरकारी अस्पताल में बच्ची को वहां के स्टाफ ने दर्द का इंजेक्शन लगाकर प्राइवेट अस्पताल ले जाने को कहा. कोई डॉक्टर उनकी बच्ची को देखने के लिए नहीं आया.

पीड़ित पिता ने बताया कि मां ने ही जैसे-तैसे बच्ची की ड्रेसिंग की. सुबह प्राइवेट अस्पताल ने इलाज किया और रायपुर रेफर कर दिया.

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