Business Desk – RBI NBFC Action : भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने NBFC को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक ने पांच नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों यानी NBFC के Certificate of Registration (CoR) को रद्द कर दिया है।

वहीं, आठ अन्य NBFC ने अलग-अलग कारणों से अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट RBI को वापस कर दिया है। RBI की कार्रवाई के बाद जिन कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ है, वे NBFC के तौर पर कारोबार नहीं कर सकेंगी।
RBI की ओर से जिन पांच कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया है, उनमें डार्स फाइनेंशियल सर्विसेज, रोल्टा होल्डिंग एंड फाइनेंस कॉरपोरेशन, वासुदेव सिक्योरिटीज, पारसोली कॉरपोरेशन और ए सी चोकसी फाइनेंशियल सर्विसेज शामिल हैं।
RBI NBFC क्षेत्र को रेगुलेट करता है और NBFC कारोबार के लिए Certificate of Registration जरूरी होता है। RBI के नियमों के तहत NBFC को निर्धारित नियामकीय शर्तों का पालन करना होता है।
5 NBFC का RBI रजिस्ट्रेशन कैंसिल
RBI ने पांच कंपनियों के Certificate of Registration को रद्द किया है। इनमें Dars Financial Services, Rolta Holding and Finance Corporation, Vasudev Securities, Parsoli Corporation और A C Choksi Financial Services शामिल हैं।
रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद इन कंपनियों को RBI एक्ट के तहत NBFC के रूप में नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन का कारोबार करने की अनुमति नहीं रहती। RBI पहले भी अलग-अलग मामलों में Section 45-IA के तहत NBFC के Certificate of Registration कैंसिल करता रहा है।
4 कंपनियों ने कारोबार बंद कर लौटाया लाइसेंस
आठ कंपनियों में से चार ने NBFI यानी Non-Banking Financial Institution का कारोबार बंद कर दिया है। इसके बाद इन कंपनियों ने अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट RBI को वापस कर दिया। इनमें अनुपम मर्केंटाइल, ग्रैंड मोटर एंड फाइनेंस, स्काई लिमिट इंटरनेशनल फाइनेंस और ASA इंटरनेशनल इंडिया माइक्रोफाइनेंस शामिल हैं।
इस तरह इन चार कंपनियों के मामले में RBI की ओर से रजिस्ट्रेशन रद्द करने के बजाय कंपनियों की ओर से कारोबार बंद करने के बाद Certificate of Registration वापस किया गया है।
2 कंपनियों का कानूनी अस्तित्व खत्म
शिवम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड और एप्रिल इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने भी अपना Certificate of Registration वापस किया है। RBI के मुताबिक, दोनों कंपनियों का कानूनी कंपनी के तौर पर अस्तित्व समाप्त हो चुका था।
कंपनी का कानूनी अस्तित्व खत्म होने की वजह मर्जर, कंपनी का डिसोल्यूशन या स्वेच्छा से कंपनी का नाम रजिस्टर से हटाया जाना हो सकती है। ऐसी स्थिति में NBFC के तौर पर रजिस्ट्रेशन बनाए रखने की जरूरत नहीं रहती।
Anagram Industries को NBFC रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं
Anagram Industries ने निर्धारित मानदंड पूरे करने के बाद अपना NBFC रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट वापस कर दिया है। कंपनी ने बिना रजिस्ट्रेशन वाली Core Investment Company यानी CIC के लिए निर्धारित शर्तें पूरी कर ली थीं।
RBI के नियमों के तहत निर्धारित मानदंड पूरे करने वाली ऐसी CIC को अलग से NBFC के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होती। इसलिए कंपनी ने अपना Certificate of Registration वापस कर दिया।
CDN Finance ने भी लाइसेंस लौटाया
CDN Finance ने भी RBI को अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट वापस किया है। कंपनी ने बिना रजिस्ट्रेशन वाली Type I NBFC के लिए निर्धारित मानदंड पूरे कर लिए थे। इन शर्तों को पूरा करने वाली NBFC को निर्धारित परिस्थितियों में RBI से Certificate of Registration रखने की आवश्यकता नहीं होती।
RBI की कार्रवाई का क्या मतलब है?
NBFC यानी ऐसी वित्तीय कंपनियां जो बैंक नहीं होतीं, लेकिन कर्ज देने, निवेश और दूसरी वित्तीय गतिविधियों से जुड़ा कारोबार कर सकती हैं। इनके लिए RBI का नियामकीय ढांचा लागू होता है। RBI की आधिकारिक NBFC सूची में कंपनियों को उनकी गतिविधियों और नियामकीय वर्गीकरण के आधार पर दर्ज किया जाता है।
17 सितंबर की कार्रवाई में 5 कंपनियों के रजिस्ट्रेशन RBI ने रद्द किए, जबकि 8 कंपनियों ने अलग-अलग कारणों से खुद अपने Certificate of Registration वापस किए। इसलिए दोनों तरह की कार्रवाई को एक जैसा समझना सही नहीं होगा।



