Moody’s on India GDP: अमेरिका-ईरान युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी टैरिफ और खाड़ी युद्ध भी भारत की विकास रफ्तार को नहीं रोक पा रही है। भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) फर्टातेदार रफ्तार से दौड़ रही है। ये मोदी सरकार या किसी भारतीय एजेंसी का नहीं बल्कि ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) का कहना है। दिग्गज ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक बेहद शानदार रिपोर्ट जारी की है। Moody’s ने भारत की विकास दर 7% रहने का अनुमान जताया है। पहले ये आंकड़ा 6 फीसदी था। मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर पर शानदार सरकारी खर्च से अर्थव्यवस्था को ये बड़ी रफ्तार मिली है।
मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 के पहले छह महीनों में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी दर्ज की गई है। जबकि साल 2025 के पूरे साल में ये आंकड़ा 7.3 फीसदी रहा था। इसी शानदार प्रदर्शन को देखते हुए मूडीज ने अपने अनुमान में बड़ा बदलाव किया है। लिहाजा मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की रियल जीडीपी (GDP) ग्रोथ का अनुमान 7 फीसदी कर दिया गया है।
मूडीज ने साफ तौर पर माना है कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया के तमाम बड़े झटकों को सहने की गजब की ताकत रखती है। मूडीज रेटिंग्स ने साफ किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत साबित हुई है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था इस वक्त हिली हुई है। जबकि भारत पर इसका बहुत ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि देश के अंदर लोगों की मांग यानी प्राइवेट कंजम्पशन में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसके साथ ही केंद्र सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर पर शानदार तरीके से पैसा खर्च कर रही है। इसका फायदा देश के विकास को मिल रहा है। प्राइवेट सेक्टर का निवेश भी अब फिर से पटरी पर आ रहा है। इसके अलावा सर्विस सेक्टर ने भी अपनी मजबूती लगातार बनाए रखी है। इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर भारत की अर्थव्यवस्था को उस झटके से बचा लिया है।
दुनिया की बड़ी वित्तीय संस्थाओं से निकला आगे
बता दें कि इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) ने जुलाई में जारी अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट में FY27 के लिए 6.4 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगाया था। वहीं दूसरी तरफ S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने जून महीने में भारत की विकास दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान दिया था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भी जून में अपना ग्रोथ अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.6 फीसदी कर दिया था। वहीं मूडीज ने इन सबसे अलग जाकर भारत की असली ताकत पर पूरा भरोसा जताया है। मूडीज का 7 फीसदी का नया अनुमान IMF से 0.6 प्रतिशत ज्यादा है।
पहली तिमाही में भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहा
बता दें कि 31 अगस्त को मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिक्स एंड प्रोग्राम (MoSPI) ने अपनी रिपोर्ट में पहली तिमाही में भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहने की जानकारी दी थी। खास बात ये है कि ये आंकड़े रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (7%) के अनुमानों से काफी बेहतर है। बैंकिंग/फाइनेंस, रियल एस्टेट, आईटी और अन्य बिजनेस सर्विसेज सेक्टर में 10% से ज्यादा की बढ़त रही। इससे महंगाई का असर GDP ग्रोथ पर नहीं पड़ा। MoSPI की रिपोर्ट के मुताबिक India GDP Growth Data पर नजर डालें, तो इकोनॉमी में 7.8% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के मुताबिक, FY2026-27 की पहली तिमाही में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई है। जबकि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में नॉमिनल जीडीपी में 10.3% का इजाफा हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक महंगाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद बाजार में ग्राहकों की मांग कम नहीं हुई है। ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) के मोर्चे पर भी अच्छी खबर है। पहली तिमाही में रियल जीवीए ग्रोथ 8.2% रही, जो पिछले साल 7.1% थी। वहीं, नॉमिनल जीवीए ग्रोथ 11.5% दर्ज की गई है। नॉमिनल जीडीपी भी 8.1% से बढ़कर 10.3% हो गई है।
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