Rekha Government Releases Draft on E-Rickshaw: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने ई-रिक्शा को लेकर ड्राफ्ट जारी किया है। रविवार को जारी इस ड्राफ्ट में राजधानी में ई-रिक्शों की संख्या को 2.5 लाख तक सीमित करने, किसी एक आदमी के पास अधिकतम पांच ई-रिक्शे होने की सीमा तय करने और डिजिटल अनुपालन प्रमाण पत्र (डिजिटल कंप्लायंस सर्टिफिकेट) अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। आम जनता और संबंधित पक्षों लोगों 30 दिनों के भीतर राय देने को कहा गया है। मौजूदा वाहनों को अपने अनुपालन को नियमित करने के लिए 90 दिनों का समय दिया जाएगा। ड्राफ्ट में कहा गया है कि इस सीमा के बाद जब तक सरकार इसमें बदलाव नहीं करेगी तब तक कोई नया प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा।

प्रस्तावित ‘दिल्ली ई-रिक्शा (पंजीकरण और संचालन) योजना, 2026’ के तहत, 25 या उससे अधिक वाहनों वाले फ्लीट ऑपरेटरों के लिए एग्रीगेटर लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर सख्त दंड का प्रावधान करने की भी बात कही गई है।

ड्राफ्ट में कहा गया है कि दिल्ली में कोई भी ई-रिक्शा तब तक नहीं चल सकता, जब तक कि वह इस अधिनियम की धारा 39 के तहत पंजीकृत न हो। साथ ही उसके पास इस योजना के अंतर्गत एक वैध ईसीसी न हो। इस ड्राफ्ट में वाहनों के स्वामित्व को सीमित करने का भी प्रस्ताव है। मालिक को दिल्ली का निवासी होना चाहिए और इस योजना के तहत वह पांच से अधिक ई-रिक्शा का मालिक नहीं हो सकता। कंपनियों, फर्मों, सहकारी समितियों और अन्य अधिकृत संस्थाओं के लिए 100 वाहनों की एक अलग सीमा तय की गई है। ड्राफ्ट पॉलिसी के अनुसार, जो संस्थाएं 25 या उससे अधिक ई-रिक्शा का संचालन करती हैं, उन्हें ‘एग्रीगेटर लाइसेंस’ लेना अनिवार्य होगा। ड्राफ्ट पॉलिसी में कहा गया है कि ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा के खतरों, वायु और ध्वनि प्रदूषण, तथा ई-रिक्शा की अत्यधिक और अनियंत्रित संख्या में वृद्धि को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पूरे शहर के लिए ई-रिक्शा की कुल संख्या की सीमा 250000 तय की है। इसमें ई-रिक्शा और ‘ई-रिक्शा अनुपालन प्रमाण पत्र’ दोनों शामिल हैं। इस सीमा से अधिक कोई भी नया रजिस्ट्रेशन या ईसीसी जारी नहीं किया जाएगा।

बैटरी सुरक्षा का भी जिक्र

ड्राफ्ट में बैटरी सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी नियमों के पालन को लेकर कुछ अतिरिक्त प्रावधान जोड़े गए हैं। ई-रिक्शों को बैटरी से जुड़े लागू मानकों का पालन करना होगा। इस्तेमाल हो चुकी बैटरियों का निपटान केवल अधिकृत रिसाइकलर्स के जरिए ही किया जाना चाहिए। इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन और ईसीसी चाहने वाले सभी ई-रिक्शों में ऐसी बैटरी तकनीक का होना अनिवार्य है, जिसे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय समय-समय पर अधिसूचित करे।

उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई

यात्रियों से जुड़े नियमों के तहत ड्राइवर को छोड़कर अधिकतम चार यात्रियों को बैठाया जा सकता है। सामान की सीमा 40 किलोग्राम तय की गई है। ई-रिक्शा में खड़े होकर यात्रा करने या ड्राइवर की सीट पर बैठने की अनुमति नहीं होगी। ड्राइवरों को बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों की मदद करनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव है।

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