चंडीगढ़। खडूर साहिब से लोकसभा सांसद अमृतपाल सिंह की तीसरी बार नजरबंदी को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में सख्त रुख अपनाया।
सरकार ने कहा, 17 अप्रैल 2025 की नजरबंदी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका में न तथ्यात्मक दम है और न कानूनी आधार है। सरकार ने दलील दी कि यदि नजरबंदी प्राधिकारी ने कार्रवाई नहीं की होती तो यह उसके कर्तव्य में गंभीर चूक होती।

वहीं, सुनवाई के दिन ही सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया गया। इस पर चीफ जस्टिस शील नागू ने ₹10 हजार जुर्माने के साथ रिकॉर्ड पर ले लिया। अगली सुनवाई 2 फरवरी को है। चीफ जस्टिस ने याचिका दायर करने में देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, नजरबंदी आदेश के 7 माह बाद इसे चुनौती दी गई। वकील आरएस चीमा ने कहा, मामला सलाहकार बोर्ड के समक्ष था। बाद में सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित रहा है।
- मुस्लिम विवाह कानून से जुड़े मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पति लगातार दो साल तक भरण-पोषण न करे तो पत्नी को तलाक का अधिकार
- इंदौर में दूषित पानी से 2 और मौत: बुजुर्ग और 2 साल की मासूम ने तोड़ा दम, आंकड़ा बढ़कर 35 हुआ
- ’18 बड़ा या जीरो…’, अखिलेश ने बजट को लेकर सरकार पर बोला हमला, कहा- इसमें देश को 2047 तक विकसित बनाने के लिए कोई विजन नहीं
- CG Suspend News : शराब पीकर स्कूल आने वाले शिक्षक पर एक्शन, DEO ने किया सस्पेंड
- MP BJP : ग्वालियर में जिला कार्यकारिणी की घोषणा, भोपाल की सूची वायरल होते ही मचा बवाल, लिस्ट रोकी

