कमल वर्मा, ग्वालियर। एमपी के ग्वालियर में 65 साल के बुजुर्ग किसान की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में मुरार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मृतक के समधी और उसके दो बेटों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने बुजुर्ग को इतनी बेरहमी से पीटा था कि दो दिन बाद अस्पताल में उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
यह घटना 20 फरवरी की दोपहर मोहनपुर पुल के नीचे बेहट रोड पर हुई थी। शुरुआत में पुलिस ने मारपीट का मामला दर्ज किया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या की धारा जोड़ दी गई थी। वही पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ कर अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
दरअसल, हस्तिनापुर स्थित डबका निवासी राजेंद्र सिंह गुर्जर किसान थे। उनकी बेटी की शादी पुलंदर गुर्जर के बेटे अनिल गुर्जर से हुई थी। अनिल सीआईएसएफ में जवान है और वर्तमान में बाहर पदस्थ है। अनिल की अनुपस्थिति में पिता पुलंदर गुर्जर अपने छोटे बेटों रामू और सुनील के साथ मिलकर बहू को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। इस संबंध में राजेंद्र सिंह ने कई बार उन्हें समझाने की कोशिश की थी। घटना से कुछ दिन पहले उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर बेटी को परेशान करना बंद नहीं किया गया तो वह FIR दर्ज कराएंगे।
20 फरवरी को राजेंद्र सिंह बाइक से गांव से ग्वालियर आ रहे थे। उसी शाम ससुर बादशाह, ताऊ ससुर पुलंदर उसके बेटे अरविंद, रामू, सुनील, देवर लवकुश, चाचा ससुर मेघसिंह उसके बेटे गौरव ने रायसिंह, रुतविंद के साथ मिल कर राजेन्द्र सिंह पर मोहनपुर के पास घेर कर हमला कर दिया और लात-घूंसों और डंडों से बेरहमी से मारपीट की थी। मारपीट में उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में राजेंद्र सिंह थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया था। उस समय उनकी हालत सामान्य बताई गई। लेकिन दो दिन बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मौत होने पर उसके शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया था और मामले की जांच कर कार्रवाई कर रही थी। जांच रिपोर्ट में गंभीर चोट आने पर पुलिस ने जांच रिपोर्ट और बयानों के आधार पर चार लोगों के खिलाफ हत्या के मामला दर्ज किया था। जिसके बाद पुलिस ने पुलंदर गुर्जर, उसके बेटे सुनील गुर्जर, रामू गुर्जर और लवकुश गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस ने चारों को गिरफ्तार करने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

