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नई दिल्ली। दिल्ली के टॉप फाइव अस्पतालों राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल, एलएनजेपी अस्पताल और जीटीबी अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने शुक्रवार को नीट पीजी 2021 परीक्षा में देरी के विरोध में नियमित सेवाओं का बहिष्कार किया. 27 नवंबर से रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के कारण लगातार पांचवें दिन विरोध-प्रदर्शन से ओपीडी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं. RML अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के एक पत्र के अनुसार, “चूंकि ओपीडी सेवाओं को वापस लेने से अधिकारियों की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई, नीट पीजी 2021 काउंसलिंग में देरी के लिए जिम्मेदार निकायों की असंवेदनशील प्रतिक्रिया के कारण हम आरएमएल अस्पताल (ओपीडीएस) में सभी नियमित सेवाओं का बहिष्कार करने के लिए मजबूर हैं.”

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आरडीए आरएमएल अस्पताल के डॉ सर्वेश पांडे ने कहा कि हमारे सत्र में पहले ही एक साल की देरी हो चुकी है और रेजिडेंट डॉक्टरों पर कोविड -19 के प्रकोप के बाद से अधिक बोझ है. ईडब्ल्यूएस कोटा की सुनवाई में देरी हो रही है, हम शीर्ष अदालत से अनुरोध करते हैं. अदालत हमारे मुद्दों को सुनने के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करे और इसे जल्द से जल्द अंतिम रूप दे. विरोध के कारण आरएमएल अस्पताल में ओपीडी सेवा काफी हद तक प्रभावित हुई है, क्योंकि कोई रेजिडेंट डॉक्टर मरीजों को सलाह नहीं दे रहे हैं. ओपीडी सेवा प्रोफेसरों द्वारा चलाई जा रही है. आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अस्पताल में सभी चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुई हैं.

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फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIFA) के महासचिव डॉ मनीष झांगरा ने कहा कि “भारत में ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता चला है और यह पूरे भारत में रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए एक और दबाव पैदा करने वाला है, क्योंकि हम पहले से ही मेडिकोज की कमी से पीड़ित हैं. उन्होंने कहा कि अगर नीट पीजी काउंसलिंग 2021 को तत्काल पूरा करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो हम अपने विरोध के लिए कठोर से कठोर निर्णय लेने के लिए मजबूर होंगे.