सोहराब आलम, पूर्वी चंपारण। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध कारोबार और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का बड़ा उदाहरण पेश किया है। पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल अनुमंडल क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की एक बड़ी खेप बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई से इलाके के तस्करों में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी और बरामदगी
मिली जानकारी के अनुसार, रक्सौल पुलिस को यह गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में प्रतिबंधित और खतरनाक नशीली दवाओं का अवैध भंडारण और खरीद-बिक्री धड़ल्ले से चल रही है। सूचना में यह भी बताया गया था कि इस गोरखधंधे का संचालन मुख्य रूप से एक स्थानीय तस्कर के घर से किया जा रहा है।
इस पुख्ता इनपुट के आधार पर पुलिस ने एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया और कार्रवाई करते हुए चिह्नित ठिकाने पर धावा बोला। की गई इस सघन छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुल 28,085 प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए। चिकित्सा मानकों के विपरीत इस तरह भारी मात्रा में बेचे जाने वाले इन इंजेक्शनों का मिलना यह दर्शाता है कि यह नेटवर्क काफी लंबे समय से सक्रिय था।
महिला तस्कर समेत दो गिरफ्तार
इस गंभीर मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को मौके पर ही धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक महिला तस्कर पूनम देवी और दूसरा आरोपी सज्जन पासवान शामिल है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सज्जन पासवान के घर से ही इस अवैध कारोबार का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
एसडीपीओ का बयान और आगे की जांच
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) मनीष आनंद ने बताया कि क्षेत्र में ‘सूखे नशे’ और अवैध दवाओं के खिलाफ पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं की पीढ़ी को बर्बाद करने वाले इस प्रकार के प्रतिबंधित कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं की यह खेप आखिर कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था। इस तस्करी के अंतरराज्यीय या अंतर्राष्ट्रीय लिंक को खंगालने के लिए पुलिस तकनीकी अनुसंधान का भी सहारा ले रही है।

