दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट के आसपास कचरे और सीवेज के कारण मंडराने वाले पक्षी विमानों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों के विमानों से टकराने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में किसी भी समय यह स्थिति बड़े विमान हादसे का कारण बन सकती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वर्ष 2025 में विमानों और पक्षियों के बीच टकराव की घटनाएं 2024 के मुकाबले करीब दोगुनी हो गई हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, एयरपोर्ट के आसपास रोजाना औसतन दो बर्ड स्ट्राइक के मामले सामने आ रहे हैं। एयरपोर्ट के आसपास खुले में पड़े कचरे और सीवेज वाले इलाकों में पक्षियों को आसानी से भोजन और पानी मिल जाता है। इसके चलते बड़ी संख्या में पक्षी इन क्षेत्रों में जमा होते हैं और उड़ान भरने तथा लैंडिंग के दौरान विमानों के रास्ते में पहुंच जाते हैं।

डायल ने पर्यावरण प्रबंधन कमेटी के सामने उठाया मुद्दा

दिल्ली एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी डायल (DIAL) ने विमान क्षेत्र पर्यावरण प्रबंधन कमेटी के सामने पक्षियों से विमानों के टकराने की बढ़ती घटनाओं का मुद्दा उठाया है। डायल के अनुसार, एयरपोर्ट के आसपास खुले में फेंका गया कचरा, सीवेज और अवैध मीट की दुकानें पक्षियों के लिए भोजन का स्रोत बन रही हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में पक्षी एयरपोर्ट के आसपास मंडराते रहते हैं और रोजाना विमानों से टकराने की घटनाएं सामने आ रही हैं। डायल ने बताया कि अब तक इन घटनाओं से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है, लेकिन स्थिति गंभीर और संभावित रूप से खतरनाक है। कंपनी ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कमेटी से ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया है।

रनवे के रास्ते में आ जाते हैं पक्षी

डायल के मुताबिक, एयरपोर्ट के रनवे के आसपास पक्षियों की मौजूदगी के कारण टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान खतरा बढ़ जाता है। उड़ान भरते और उतरते समय कई बार पक्षी विमानों के रास्ते में आ जाते हैं, जिससे उनके टकराने की घटनाएं होती हैं। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एयरपोर्ट के आसपास कचरे, सीवेज और अवैध मीट की दुकानों पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत बताई गई है।

कमेटी के निर्देश पर आसपास के इलाकों का निरीक्षण

बर्ड स्ट्राइक की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए कमेटी के निर्देश पर कापसहेड़ा एसडीएम ने एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रंगपुरी पहाड़ी के पास सीवेज का पानी बहता मिला। यहां लोग कूड़ा भी फेंक रहे हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में पक्षी जमा होते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस इलाके में दिल्ली जल बोर्ड को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाना है। इसके लिए जमीन उपलब्ध होने के बावजूद करीब डेढ़ साल से परियोजना लंबित है। कमेटी के अध्यक्ष ने जल बोर्ड को जल्द से जल्द STP का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान इंदिरा मार्केट स्थित मुर्गा मंडी की स्थिति भी सामने आई। यहां मुर्गों की मंडी से निकलने वाला कचरा नाली में फेंक दिया जाता है। इस कचरे के कारण पक्षी आकर्षित होते हैं और एयरपोर्ट के आसपास उनकी मौजूदगी बढ़ जाती है। अधिकारियों ने पक्षियों के जमावड़े के इन स्रोतों पर कार्रवाई को जरूरी बताया है।

द्वारका की दिशा में भी सामने आई समस्या

निरीक्षण के दौरान द्वारका की दिशा में भी पक्षियों के जमावड़े से जुड़े कारण सामने आए। रनवे संख्या-10 से द्वारका की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ ध्वस्तीकरण के बाद मलबा फेंका गया है। इससे भी आसपास का क्षेत्र पक्षियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। वहीं, द्वारका सेक्टर-8 में कबूतरों को दाना डाले जाने के कारण बड़ी संख्या में कबूतर जमा होते हैं। कमेटी के अध्यक्ष ने संबंधित विभागों को इन समस्याओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं, ताकि एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों की मौजूदगी कम की जा सके।

खतरनाक है बर्ड हिट

पक्षियों के विमान से टकराने की घटना को बर्ड हिट कहा जाता है। यह विमान संचालन के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। जब पक्षी विमान के जेट इंजन में चले जाते हैं, तो इसे बर्ड इंजेशन कहा जाता है। इससे इंजन के फैन ब्लेड और कंप्रेसर को नुकसान पहुंच सकता है और गंभीर स्थिति में इंजन के काम करने पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, यदि पक्षी कॉकपिट की विंडशील्ड से टकराता है तो शीशे को नुकसान पहुंच सकता है और पायलट के लिए विमान को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। बर्ड हिट की घटनाएं आमतौर पर विमान के कम ऊंचाई पर उड़ान भरने, टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान होने की आशंका अधिक रहती है।

पहले भी हादसों की वजह बन चुके हैं बर्ड स्ट्राइक

बर्ड स्ट्राइक की घटनाएं पहले भी विमान हादसों और आपात स्थितियों की वजह बन चुकी हैं। इसके कुछ प्रमुख उदाहरण हैं:

29 दिसंबर 2024: दक्षिण कोरिया में एक विमान बर्ड स्ट्राइक की चपेट में आया था। हादसे में 179 लोगों की मौत हुई थी।

2012: काठमांडू में टेकऑफ के दौरान पक्षी से टकराने के बाद एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में 19 लोगों की जान गई थी।

13 जुलाई 2026: लंदन से चेन्नई आ रहे ब्रिटिश एयरवेज के विमान को लैंडिंग के दौरान बर्ड हिट का सामना करना पड़ा। विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे।

24 अगस्त 2026: दिल्ली से पटना आ रही एयर इंडिया की उड़ान से भी पक्षी टकराया था। इस घटना में भी किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई।

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