गयाजी। चंदौती थाना क्षेत्र के गांधीनगर मोहल्ले में जमीन विवाद को लेकर भू-माफियाओं का खौफनाक चेहरा देखने को मिला है। कोर्ट में जमीन का मुकदमा हारने के बाद बौखलाए भू-माफियाओं ने एक भूस्वामी के घर पर हथियार और बमों के साथ धावा बोल दिया। दिनदहाड़े हुई इस तांडवभरी वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
इस घटना के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में भी भूचाल आ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस घटना का कड़ा विरोध करते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। आरजेडी ने आरोप लगाया है कि इस तरह के मामलों में अपराधियों को परोक्ष संरक्षण मिल रहा है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
दूसरी ओर, घटना की सूचना मिलते ही चंदौती थाने के एसआई शिवनाथ कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बमबाजी और तोड़फोड़ की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
50 से अधिक नकाबपोश बदमाशों का हमला
गांधीनगर निवासी सत्येंद्र नारायण और मुन्ना कुमार के घर पर अचानक 50 से अधिक संख्या में आए नकाबपोश और हथियारबंद अपराधियों ने हमला कर दिया। स्थानीय सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि हाथ में डंडा, हथियार और बम लिए बदमाश किस तरह दौड़ते हुए घर की ओर आ रहे थे।
बदमाशों ने सत्येंद्र नारायण के घर को विशेष रूप से निशाना बनाया और ताबड़तोड़ 3 से 4 बम फोड़े, जिसके निशान आज भी घर की दीवारों पर साफ देखे जा सकते हैं। इस दौरान उन्होंने घर के बाहर रखे ईंट-पत्थर जमकर बरसाए और बाहर पड़ी कुर्सियों व अन्य संपत्तियों को लाठी-डंडों से तहस-नहस कर दिया।
निजी जमीन पर निर्माण और रंगदारी का काला खेल
पीड़ित पक्षों सत्येंद्र नारायण और मुन्ना कुमार ने जानकारी दी कि वे अपनी निजी जमीन पर कानूनी रूप से निर्माण कार्य करवा रहे थे। उनका आरोप है कि महावीर पासवान के बेटों द्वारा कई एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा जमाने की नापाक कोशिश की जा रही है। निर्माण कार्य शुरू करने के एवज में उनसे भारी रंगदारी की मांग की जा रही थी और जमीन को जबरन अपना बताया जा रहा था।
पीड़ित परिवार का कहना है कि इस मामले में कोर्ट और अंचल कार्यालय दोनों जगहों से फैसला उनके पक्ष में आया है। पूरी सुरक्षा और प्रशासनिक अनुमति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आईजी, एसपी और स्थानीय थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन देने के बाद ही काम शुरू करवाया था। शनिवार की सुबह जब महावीर पासवान के बेटे मौके पर आए, तब पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शाम को थाने बुलाया था। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई से पहले ही दोपहर में इन अराजक तत्वों ने खूनी हमला बोल दिया।

