पटना। राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर तीखा टकराव देखने को मिला है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की वरिष्ठ नेत्री और लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से न केवल ज्ञानेश कुमार को उनके पद से तत्काल हटाने की मांग की है, बल्कि उनकी गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी वकालत की है।

​मतदाता सूची में हेरफेर का गंभीर आरोप

​रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा मतदाता सूची में की गई हेराफेरी अब पूरी तरह से उजागर हो चुकी है। उनका आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधा चुनावी फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से मतदाता सूचियों से लाखों वैध मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से हटा दिए गए हैं। रोहिणी के अनुसार, यह सीधे तौर पर देश की आम जनता के वोट देने के मौलिक अधिकार पर एक बड़ा डाका है, जिसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

लोकतंत्र के साथ गद्दारी और पद से हटाने की मांग

​अपने आक्रामक तेवरों को जारी रखते हुए रोहिणी आचार्य ने लिखा कि जब किसी संवैधानिक और निष्पक्ष संस्था के सर्वोच्च प्रमुख की भूमिका ही संदिग्ध और पक्षपातपूर्ण हो जाए, तब उनका उस पद पर बने रहना पूरी तरह से अनौचित्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ज्ञानेश कुमार ने वोट की चोरी की है और यह देश के लोकतंत्र के साथ सीधा विश्वासघात है। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की बहाली के लिए उन्होंने मांग की कि CEC को तुरंत बर्खास्त कर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

​Arrest Gyanesh Kumar अरेस्ट ज्ञानेश कुमार मुहिम

​इस विरोध को और अधिक धार देते हुए रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी साझा की है, जिस पर Arrest Gyanesh Kumar लिखा हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए यह अनिवार्य है कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। उनका तर्क है कि लोकतंत्र और जनमत पर देश की आम जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए वोट चुराने वाले ऐसे जिम्मेदार लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।