मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. जिले के रुदौली तहसील स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सुविधाओं को तार-तार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है. रुदौली CHC में प्रसव (डिलीवरी) कराने आई एक महिला के परिजनों से 5,100 रुपये अवैध वसूली मांगने का आरोप लगा है. जब परिजनों ने इसका विरोध किया, तो उन्हें मरीज को जबरन हायर सेंटर भेजने की धमकी दी गई. इस घटना के बाद परिजनों ने मीडिया और CHC अधीक्षक के तत्काल हस्तक्षेप के बाद अवैध रूप से वसूले गए 1,600 रुपये परिजनों को वापस कराए गए. इस घटना के बाद से स्थानीय स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है.

​क्या है पूरा मामला?

​जानकारी के अनुसार, रुदौली तहसील क्षेत्र के धर्मनगर (मजरे मुजफ्फरपुर) निवासी एक महिला रविवार को अपनी बहू को प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदौली लेकर पहुंची थी. अस्पताल में महिला का सामान्य (नॉर्मल) प्रसव तो करा दिया गया, लेकिन इसके तुरंत बाद वहां तैनात स्टाफ नर्स और वार्ड आया द्वारा परिजनों से प्रसव के नाम पर 5,100 रुपये की मांग की जाने लगी.​पीड़ित परिवार ने जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई और विरोध किया, तो आरोप है कि स्टाफ ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया. परिजनों का कहना है कि पैसे न देने की सूरत में मरीज को बिना किसी मेडिकल इमरजेंसी के सीधे हायर सेंटर (जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज) रेफर करने की धमकी दी गई.

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​स्टाफ के रवैये और धमकी से तंग आकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया. परिजनों के विरोध को देखते हुए दबाव में आकर स्टाफ ने उनसे 1,600 रुपये ले लिए.​अस्पताल में हो रहे इस हंगामे की सूचना जब स्थानीय मीडिया और CHC अधीक्षक तक पहुंची, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे. मीडिया के हस्तक्षेप और अधिकारियों की सख्ती के बाद परिजनों से लिए गए 1,600 रुपये वापस लौटा दिए गए.

​अधीक्षक का बयान, जांच के बाद होगी कड़ी कार्रवाई

​अस्पताल में हुए इस घटनाक्रम से जहां आम जनता में रोष है, वहीं विभाग में भी खलबली मच गई है. CHC अधीक्षक का मुताबिक “मामला पूरी तरह से संज्ञान में आ चुका है. परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच कराई जा रही है. जांच में जो भी स्टाफ नर्स या वार्ड आया दोषी पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं और नवजात बच्चों के लिए सरकार की ओर से मुफ्त इलाज, दवाइयां और प्रोत्साहन राशि की योजनाएं चलाई जा रही हैं. इसके बावजूद धरातल पर रुदौली CHC जैसी घटनाएं सरकारी दावों और स्वास्थ्य विभाग की साख पर बड़े सवाल खड़े करती हैं.