विकास कुमार, सहरसा। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 34 के बटरहा मोहल्ले में लगभग 400 फीट लंबे नाले के निर्माण को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। स्थानीय निवासी संजय कुमार सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर यह गंभीर आरोप लगाया गया था कि इस नाले के निर्माण से किसी एक खास निजी व्यक्ति को फायदा पहुंचाया जा रहा है। इन आरोपों के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया और एहतियात के तौर पर निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया था।
​दूसरी ओर, इस मामले में नया मोड़ तब आया जब वार्ड के ही 14 प्रभावित परिवारों ने एकजुट होकर नगर निगम को एक लिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से इन परिवारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और रुके हुए नाला निर्माण के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाने की पुरजोर मांग की, ताकि उन्हें जलभराव और अन्य समस्याओं से राहत मिल सके।

​प्रशासनिक कार्रवाई और जांच टीम का गठन

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने मामले की तह तक जाने के लिए एक उच्चस्तरीय पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। सोमवार को निर्धारित योजना के तहत यह टीम सीधे बटरहा स्थित निर्माण स्थल पर पहुंची।
​इस उच्चस्तरीय जांच टीम में डिप्टी कमिश्नर मो. शाहिद, सिटी मैनेजर अभिसार कश्यप, एसडीओ नीतीश कुमार के साथ-साथ दो कनीय अभियंता (JE) भी शामिल रहे। टीम के सदस्यों ने न केवल रुके हुए नाले के निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि मौके पर आसपास के भौगोलिक हालात और जल निकास की स्थिति का भी जायजा लिया।

​जनहित बनाम व्यक्तिगत आरोप

​स्थल निरीक्षण के दौरान डिप्टी कमिश्नर मो. शाहिद ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि शुरुआती पड़ताल से ऐसा प्रतीत होता है कि यह नाला निर्माण किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र के सामूहिक जनहित को ध्यान में रखकर कराया जा रहा है।
​डिप्टी कमिश्नर ने यह भी आश्वस्त किया कि टीम अपनी इस जांच प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करेगी। स्थल निरीक्षण और दोनों पक्षों के तथ्यों की समीक्षा के बाद यह पांच सदस्यीय टीम अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर नगर आयुक्त को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की आधिकारिक कार्रवाई तय की जाएगी।