समस्तीपुर। जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की हत्या कर उसके शव को चुपचाप जलाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के सास-ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी पति समेत अन्य संलिप्त लोग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
खनुआ गांव से हुई गिरफ्तारी
दलसिंहसराय डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने मंगलवार को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के खनुआ गांव में छापेमारी कर नामजद आरोपी हुलस सहनी और उसकी पत्नी सुकुमरिया देवी को गिरफ्तार कर लिया है। यह दंपती घटना के बाद से करीब 14 महीने से फरार चल रहा था। पुलिस ने दोनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में विद्यापतिनगर थानाध्यक्ष सूरज कुमार के साथ अन्य पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
क्या है पूरा मामला और कब दर्ज हुई थी एफआईआर?
मृतका की मां, जो खगड़िया जिले की रहने वाली हैं, उन्होंने इस मामले को लेकर 6 जुलाई 2025 को दलसिंहसराय थाने में गंभीर धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में वीणा देवी ने बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी पन्नो देवी की शादी इसी साल जनवरी 2025 यानी हत्या से करीब 7 महीने पहले अमित सहनी के साथ की थी।
शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल पक्ष की तरफ से पन्नो देवी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। जब मृतका की मां मौके पर पहुंचीं, तो उन्हें बताया गया कि पन्नो देवी घर से कहीं चली गई है। परिजनों को ससुराल वालों की बातों पर शक हुआ और उन्होंने बेटी की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
चमथा मेला घाट पर जलाया गया शव
पुलिस की गहन जांच और गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ में एक बेहद चौंकाने वाला सच सामने आया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान यह बात खुलकर सामने आई है कि आरोपियों ने पन्नो देवी की हत्या करने के बाद उसके शव को छिपाने की नीयत से चमथा मेला घाट पर ले जाकर जला दिया था।
फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को परिजनों से छिपाकर जलाने की नौबत क्यों आई। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य सहयोगियों और साजिशकर्ताओं की भूमिका की भी बारीकी से पड़ताल कर रही है। साथ ही, मामले से जुड़े वैज्ञानिक और मौखिक साक्ष्यों को मजबूत करने की कार्रवाई तेजी से जारी है। डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


