हेमंत शर्मा, इंदौर। इंदौर के डेली कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक खत्म होने के बाद अब इस बार चर्चा सिर्फ संघ के एजेंडे और संगठनात्मक मंथन तक सीमित नहीं है। बैठक के बीच बीजेपी के बड़े संगठनात्मक चेहरों की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सवाल यह है कि संघ की महत्वपूर्ण बैठक के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के संगठन मंत्री इंदौर क्यों पहुंचे? उनके दौरे की जानकारी इतनी गोपनीय क्यों रखी गई? और क्या संघ के आने वाले अभियानों को लेकर बीजेपी संगठन के साथ कोई रणनीतिक चर्चा हुई है?

संघ की बैठक के बाद बीजेपी के संगठन महामंत्री की एंट्री

डेली कॉलेज परिसर में संघ की बैठक के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष की मौजूदगी ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। उनके साथ मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर भी मौजूद रहे। संगठन के इन दोनों बड़े चेहरों का एक ही समय पर इंदौर में होना महज सामान्य दौरा नहीं माना जा रहा। बीएल संतोष की भूमिका बीजेपी के संगठनात्मक फैसलों और रणनीति में बेहद अहम मानी जाती है। ऐसे में संघ की अखिल भारतीय स्तर की बैठक के दौरान उनकी मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या संघ और बीजेपी के बीच आने वाले दिनों के कार्यक्रमों और अभियानों को लेकर कोई समन्वय बनाया जा रहा है?

BJP नेताओं के दौरे पर गोपनीयता, स्थानीय नेताओं को भी देर से जानकारी

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू बीजेपी नेताओं के इंदौर प्रवास को लेकर बरती गई गोपनीयता रही। बीएल संतोष के इंदौर में होने की जानकारी कई बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी समय रहते नहीं मिली। बताया जा रहा है कि बीएल संतोष जब इंदौर के संभागीय बीजेपी कार्यालय जावरा कंपाउंड पहुंचे, तब कई नेताओं को उनके दौरे की जानकारी मिली। यहां मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे समेत कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की। उनके साथ प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर भी मौजूद थे। जानकारी मिलने तक कई कार्यकर्ता कार्यालय पहुंचते, उससे पहले ही बीएल संतोष वहां से रवाना हो चुके थे। अब सवाल है कि आखिर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के इस दौरे को इतना गोपनीय रखने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या यह सिर्फ संगठनात्मक कार्यक्रम था या फिर संघ की बैठक के बीच कोई अहम रणनीतिक बातचीत भी हुई?

नशे के खिलाफ संघ का अभियान, क्या बीजेपी संगठन भी होगा शामिल?

संघ की बैठक में नशे की बढ़ती लत और बाहरी ताकतों से जुड़े विषयों पर चिंता जताई गई है। आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर सामाजिक स्तर पर बड़े अभियान की तैयारी की बात सामने आई है। इधर, देश के गृहमंत्री अमित शाह भी नशे के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई और अभियान की बात कर रहे हैं। ऐसे में संघ की बैठक में नशे के मुद्दे पर चर्चा और बीजेपी के शीर्ष संगठनात्मक नेताओं की मौजूदगी को जोड़कर देखा जा रहा है। क्या संघ के प्रस्तावित अभियान को बीजेपी संगठन का भी सहयोग मिलेगा? क्या इसे देशभर में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के समन्वय से आगे बढ़ाया जाएगा? फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों संगठनों के बड़े चेहरों की मौजूदगी ने इन अटकलों को जरूर तेज कर दिया है।

शशि थरूर की कथित मुलाकात ने बढ़ाई राजनीतिक पहेली

इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम सामने आने के बाद चर्चा और तेज हो गई है। थरूर ने इंदौर प्रवास के दौरान संघ के एक बड़े पदाधिकारी से मुलाकात की थी। हालांकि इस कथित मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही बातचीत का कोई विवरण सामने आया है। दरअसल, शशि थरूर सोमवार को कैंसर जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने डेली कॉलेज बिजनेस स्कूल पहुंचे थे।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे परिसर से बाहर निकले, लेकिन कुछ देर बाद दूसरे गेट से दोबारा डेली कॉलेज में प्रवेश किया। इसके बाद उनके उसी परिसर में जाने की चर्चा शुरू हुई, जहां संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक चल रही थी। एक ही परिसर में संघ की राष्ट्रीय स्तर की बैठक और कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होने के कारण थरूर की आवाजाही को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। क्या वाकई उनकी संघ के किसी बड़े पदाधिकारी से मुलाकात हुई? अगर हुई तो उसका मकसद क्या था? और क्या इस मुलाकात का कोई राजनीतिक संदेश भी है? इन सवालों पर फिलहाल चुप्पी है।

संघ की बैठक, BJP के बड़े चेहरे और कांग्रेस सांसद की चर्चा

एक तरफ संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में संगठन के भविष्य, सामाजिक अभियानों और नशे जैसे मुद्दों पर मंथन हो रहा है। दूसरी तरफ बीजेपी के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर की कथित मुलाकात ने इस पूरे घटनाक्रम में एक नया कोण जोड़ दिया है।

इंदौर बना सियासी केंद्र

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि डेली कॉलेज में चल रही संघ की बैठक के इर्द-गिर्द इतनी राजनीतिक हलचल क्यों है? बीजेपी के शीर्ष संगठनात्मक नेताओं का दौरा गोपनीय क्यों रखा गया? और शशि थरूर की कथित मुलाकात के पीछे आखिर क्या कहानी है? फिलहाल आधिकारिक तौर पर इन मुलाकातों और चर्चाओं को लेकर तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन इतना तय है कि संघ की बैठक के बहाने इंदौर का डेली कॉलेज इन दिनों सिर्फ संगठनात्मक नहीं, बल्कि सियासी चर्चाओं का भी बड़ा केंद्र बन गया है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m