सारण। गड़खा थाना क्षेत्र अंतर्गत बलहा गांव में गुरुवार के दिन एक खौफनाक हादसा हो गया। खेतों में उगाई गई फसलों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए किसानों द्वारा अवैध रूप से लगाए गए नंगे और उच्च क्षमता वाले बिजली के तारों की चपेट में आने से एक वृद्ध महिला की मौके पर ही जान चली गई। इस दुखद हादसे के बाद मृतक महिला के परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
मजदूरी के काम से जा रही थीं कांति देवी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान बलहा गांव निवासी सुरेश राय की धर्मपत्नी कांति देवी (60) के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार को कांति देवी अपने घर के किसी काम के सिलसिले में पास के पड़ोसी गांव महमदपुर से राजमिस्त्री को बुलाने के लिए निकली थीं। वह रास्ते के तौर पर खेतों की पगडंडी से होकर गुजर रही थीं। उसी दौरान अचानक उनका पैर खेत की घेराबंदी करने के लिए लगाए गए करंट प्रवाहित तार में उलझ गया। तार में प्रवाहित तेज बिजली के झटके की वजह से महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उन्होंने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
जैसे ही दुर्घटना की खबर आसपास फैली, मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही गड़खा थाने की पुलिस टीम बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम कराने हेतु छपरा सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और दोषी किसान की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अवैध तारों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में नीलगाय और अन्य आवारा जानवरों से फसलों की सुरक्षा के नाम पर कई किसान गैर-कानूनी ढंग से खेतों के चारों ओर नंगे तार खींचकर उनमें सीधे बिजली प्रवाहित कर देते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे जानलेवा प्रबंध करने वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

