पंकज श्रीवास्तव, छपरा। बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। निर्वाचन क्षेत्र के पांचों जिलों छपरा (सारण), सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू है।

​चुनाव का पूरा शेड्यूल और मुख्य तिथियां

​प्रशासनिक सूचना के अनुसार इस चुनाव से जुड़े महत्वपूर्ण चरण इस प्रकार हैं:

  • ​अधिसूचना जारी: 29 सितंबर
  • ​नामांकन की अंतिम तिथि: 6 अक्टूबर (पूर्वाहन 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक)
  • ​नामांकन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी): 7 अक्टूबर
  • ​नाम वापसी की अंतिम तिथि: 9 अक्टूबर
  • ​मतदान की तिथि: 23 अक्टूबर (सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक, पारंपरिक मतपत्र/बैलेट पेपर के माध्यम से)
  • ​मतगणना की तिथि: 27 अक्टूबर

​मतदाता और मतदान केंद्र के आंकड़े

​इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 10,731 योग्य शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 8,877 पुरुष और 1,854 महिला मतदाता शामिल हैं। शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरे क्षेत्र में कुल 98 मतदान केंद्र बनाए गए हैं:

  • ​सारण (छपरा): 20 मतदान केंद्र और 3,824 मतदाता (सबसे अधिक)
  • ​सीवान: 19 मतदान केंद्र और 2,183 मतदाता
  • ​पूर्वी चंपारण: 27 मतदान केंद्र और 1,741 मतदाता
  • ​पश्चिमी चंपारण: 18 मतदान केंद्र और 1,701 मतदाता
  • ​गोपालगंज: 14 मतदान केंद्र और 1,282 मतदाता

​चुनावी मैदान में प्रमुख चेहरे

​सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कई प्रमुख दल और निर्दलीय उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं:

  • ​आफाक अहमद: निवर्तमान एमएलसी, जो जनसुराज समर्थित उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं।
  • ​आनंद पुष्कर: एनडीए समर्थित उम्मीदवार और दिवंगत पूर्व एमएलसी केदार पांडे के पुत्र।
  • ​जयराम राय: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के आधिकारिक प्रत्याशी।
  • ​राहुल राज: रिविलगंज प्रखंड प्रमुख एवं भाजपा नेता, जो निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर तैयारी में हैं।
  • ​इनके अलावा कई अन्य निर्दलीय उम्मीदवार भी लगातार पांचों जिलों में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।

​चर्चा का केंद्र बने ‘धरती पकड़’ लालू प्रसाद यादव

​इस चुनाव में एक सबसे दिलचस्प और अनोखा नाम चर्चा का विषय बना हुआ है। मरहौरा अनुमंडल कोर्ट में एक वकील के सहायक के रूप में कार्य करने वाले लालू प्रसाद यादव ने भी इस निर्वाचन क्षेत्र से बतौर उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल किया है।
​मरहौरा के रहने वाले इस शख्स को स्थानीय स्तर पर ‘धरती पकड़’ कहा जाता है क्योंकि वे वार्ड पार्षद से लेकर देश के सर्वोच्च पद यानी राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि वे हर चुनाव में विरोधी दलों की जमानत जब्त होने का दावा जरूर करते हैं, लेकिन खुद कभी अपनी जमानत नहीं बचा पाते। इसके बावजूद उनका हौसला बुलंद है और उनका दृढ़ विश्वास है कि संघर्ष जारी रखने पर एक दिन जनता उन्हें चुनकर जरूर भेजेगी।