छपरा, पंकज श्रीवास्तव। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शिक्षक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए ताबड़तोड़ प्रयास किए जा रहे हैं। शाम 5:00 बजे चुनाव प्रचार का शोर थम गया। अब 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतों की गिनती की जाएगी। इस निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण- कुल पांच जिले आते हैं। इस चुनाव में कुल 10,824 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, अकेले सारण जिले में 3,428 शिक्षक मतदाता हैं और सभी प्रखंडों में मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

​एनडीए उम्मीदवार आनंद पुष्कर का जनसंपर्क और प्रेस कॉन्फ्रेंस

​चुनाव प्रचार के अंतिम दिन एनडीए उम्मीदवार इंजीनियर आनंद पुष्कर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिक्षकों से प्रथम वरीयता का मतदान करने की जोरदार अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उनके पिता स्वर्गीय केदारनाथ पांडे ने लगभग 20 वर्षों तक शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष किया है और अब वे अपने पिता के अधूरे कार्यों को पूरा करेंगे। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय केदारनाथ पांडे ने इस क्षेत्र का दो दशकों तक प्रतिनिधित्व किया था। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सारण जदयू के जिला अध्यक्ष बैजनाथ प्रसाद विकल, छपरा के जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह मांझी और जदयू विधायक सह चुनाव प्रभारी रणधीर सिंह समेत कई दिग्गज नेता उपस्थित रहे।

​बागी तेवर और बागी नेता राहुल राज पर कार्रवाई

​इस चुनाव में बगावत का दौर भी देखने को मिला है। रिविलगंज के प्रखंड प्रमुख एवं भाजपा नेता राहुल राज ने एनडीए से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया। एनडीए ने स्वर्गीय केदारनाथ पांडे के पुत्र इंजीनियर आनंद पुष्कर को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था, जिससे नाराज होकर राहुल राज मैदान में डटे हैं। पार्टी के फैसले के खिलाफ जाने पर भाजपा ने उन्हें 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके बावजूद वह लगातार जनसंपर्क कर अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

​चतुष्कोणीय मुकाबला और अन्य प्रमुख उम्मीदवार

​इस हाई-प्रोटेक्शन चुनाव में जन सुराज के प्रत्याशी अफाक आलम, रामेंद्र सिंह और राजद समर्थित जय राम यादव भी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रत्याशी राम पुकार सिंह ने एनडीए उम्मीदवार आनंद पुष्कर के पक्ष में अपना नाम वापस ले लिया है। इन तमाम समीकरणों के चलते सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अब एक दिलचस्प चतुष्कोणीय मुकाबला बनता दिखाई दे रहा है। विधान परिषद की इस महत्वपूर्ण सीट पर बाजी कौन मारेगा, इसका फैसला 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद ही साफ हो सकेगा।