अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन से ठीक पहले बेदा इलाके में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सीएम के द्वारा बाईपास के लोकार्पण कार्यक्रम के शुरू होने से मात्र एक घंटा पहले, स्वागत के लिए बनाया गया एक भव्य तोरण द्वार अचानक भरभरा कर नीचे गिर गया।
मिली जानकारी के अनुसार, आज अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और क्षेत्र में तेज हवाएं चलने लगीं। बांस, बल्ला, लोहे के रॉड और कपड़े की मदद से तैयार किया गया यह अस्थायी तोरण द्वार तेज हवा के दबाव को बर्दाश्त नहीं कर सका और देखते ही देखते धराशायी हो गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए तैनात कुछ पुलिसकर्मी और अन्य कर्मी इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।

हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन प्रशासनिक अमले और वहां मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया। बिना वक्त गंवाए गिरे हुए तोरण द्वार के मलबे को सड़क से हटाकर किनारे किया गया, ताकि वीवीआईपी मूवमेंट और कार्यक्रम में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
इस तमाम गहमागहमी और शुरुआती बाधा के बावजूद, तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सासाराम वासियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने लगभग 122 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सासाराम बाईपास सड़क का आधिकारिक रूप से लोकार्पण कर दिया, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी राहत मिलेगी।

