अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। जिले में शुक्रवार को अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा के बैनर तले विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। लोकतंत्र में आम नागरिकों के मताधिकार की रक्षा और मतदाता सूची से काटे जा रहे नामों के विरोध में कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
कुशवाहा सभा भवन से शुरू हुआ विरोध मार्च
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सासाराम स्थित कुशवाहा सभा भवन से हुई। यहां बड़ी संख्या में अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा के सदस्य और स्थानीय नागरिक एकत्र हुए। इसके बाद हाथों में बैनर, तख्तियां और झंडे लेकर कार्यकर्ताओं ने एक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सीधे पोस्ट ऑफिस चौराहा पहुंचा। पूरे रास्ते में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए गए।
SIR प्रक्रिया को तुरंत वापस लेने की मांग
पोस्ट ऑफिस चौराहा पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एसआईआर (SIR – विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया के नाम पर चुनाव आयोग की ओर से लाखों जायज मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस कदम से आम जनता और गरीब तबके के लोगों का संवैधानिक मताधिकार छीना जा रहा है, जो कि लोकतंत्र की मूल आत्मा पर सीधा हमला है। वक्ताओं ने मांग की कि इस विवादास्पद प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए।

राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह विरोध केवल सासाराम तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग की इस नीति के खिलाफ पूरे देश में राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सासाराम में भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर विरोध जताया गया। संगठन का कहना है कि जब तक सभी पात्र नागरिकों के नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाते और प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
प्रशासन रहा सतर्क
पोस्ट ऑफिस चौराहे पर पुतला दहन और प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। मुख्य चौराहे पर विरोध मार्च और सभा के कारण कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन प्रशासन की सतर्कता से प्रदर्शन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।

