अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। राज्य की कला, संस्कृति एवं खनन मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने घोषणा की है कि सासाराम क्षेत्र में अगले कुछ महीनों के भीतर पत्थरों का खनन कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत कल से ही कर दी जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है।

​चार ब्लॉकों में बंटी है योजना

​प्रशासनिक तैयारियों के तहत फिलहाल पत्थर खनन के लिए कुल चार महत्वपूर्ण ब्लॉकों का निर्धारण किया गया है। शुरुआती चरण में गिजवाही और गायघाट ब्लॉक में खनन का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा। इन दोनों स्थानों पर सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, शेष बचे हुए दो अन्य ब्लॉकों में भी खनन गतिविधियों को हरी झंडी दे दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी नवंबर और दिसंबर महीने तक धरातल पर खनन का काम पूरी तरह से शुरू कर दिया जाए।

​विकास को मिलेगा बढ़ावा

​सासाराम में पत्थर खनन के पुनः आरंभ होने से इस पूरे इलाके की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। खनन कार्य शुरू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा, जिससे स्थानीय युवाओं को पलायन करने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी और क्षेत्र के मजदूरों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर आजीविका के साधन उपलब्ध हो सकेंगे।

​स्टोन क्रशर प्लांट के लाइसेंस पर भी बड़ा फैसला

​सरकार ने स्थानीय व्यवसाय और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खनन क्षेत्र से दो किलोमीटर की परिधि के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में नए स्टोन क्रशर प्लांट स्थापित करने के लिए लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री की आपूर्ति सुलभ होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय तेजी आएगी।

​सेवा संकल्प अभियान के तहत सासाराम पहुंचे थे मंत्री

​गौरतलब है कि खनन मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी इन दिनों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विशेष ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सिलसिले में सासाराम के दौरे पर पहुंचे हुए हैं। इसी दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों, पार्टी कार्यकर्ताओं और व्यवसायियों से संवाद करते हुए खनन कार्य शुरू होने की इस आधिकारिक और महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया, जिससे क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।