पटना। बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए राजधानी पटना के सवेरा कैंसर हॉस्पिटल में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी विभाग की शुरुआत की गई है। इस नई तकनीक के आ जाने से राज्य के कैंसर रोगियों को अब जटिल ऑपरेशनों के लिए महानगरों या दूसरे राज्यों के चक्कर काटने से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस नए विभाग का औपचारिक उद्घाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने गुरुवार को किया। उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में स्थापित रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का बारीकी से निरीक्षण किया और विशेषज्ञों से इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

​जटिल ऑपरेशनों में अचूक मददगार है रोबोटिक तकनीक

​चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी को केवल पारंपरिक सर्जरी का विकल्प नहीं माना जा सकता। यह एक ऐसी क्रांतिकारी तकनीक है जो अनुभवी सर्जनों को अत्यधिक जटिल ऑपरेशनों के दौरान अभूतपूर्व सटीकता और नियंत्रण प्रदान करती है। अस्पताल के रोबोटिक सर्जन डॉ. विपिन झा ने बताया कि रोबोटिक सिस्टम सर्जन को ऑपरेशन वाले हिस्से को बहुत स्पष्ट रूप से देखने और उपकरणों को अत्यंत सूक्ष्मता से चलाने की अनुमति देता है, जिससे छोटे चीरे के जरिए सर्जरी करना संभव होता है। कम चीरे के कारण खून कम बहता है, दर्द घटता है और रिकवरी तेज होती है।

​संवेदनशीलता और सटीकता में वृद्धि

​कार्यक्रम में उपस्थित प्रख्यात चिकित्सक पद्मश्री डॉ. आरएन सिंह ने भी रोबोटिक सर्जरी की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का मुख्य उद्देश्य डॉक्टर की अपनी विशेषज्ञता को तकनीक का मजबूत सहारा देना है। शरीर के संवेदनशील और सीमित हिस्सों में यह रोबोटिक सिस्टम सर्जन के हाथों को अतिरिक्त स्थिरता प्रदान करता है। हालांकि, किसी मरीज के लिए यह तकनीक उपयुक्त है या नहीं, इसका निर्णय डॉक्टर की जांच के आधार पर होता है।

​मरीजों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय इलाज

​सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. वीपी सिंह ने विश्वास जताया कि इस नए विभाग के शुरू होने से बिहार के लोगों को कैंसर के जटिल मामलों के लिए उन्नत सर्जिकल तकनीक स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी। उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने भी जोर दिया कि बिहार के मरीजों को ऐसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अपने ही राज्य में मिलनी चाहिए, जिससे दूसरे राज्यों पर हमारी निर्भरता काफी हद तक कम हो सके।