अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जंगल से निकलकर हाथियों का मूवमेंट अब रिहायशी इलाकों से होते हुए रेलवे ट्रैक तक पहुंच गया है। उत्तर वन मंडल के ब्यौहारी पश्चिम क्षेत्र अंतर्गत दलको जागीर में कॉलर लगा एक हाथी लगातार विचरण कर रहा है। हाथी के रेलवे ट्रैक के करीब पहुंचने से वन विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि एक तरफ पटरियों पर तेज रफ्तार ट्रेनें दौड़ती हैं तो दूसरी तरफ हाथी की मौजूदगी से कभी भी बड़ी अनहोनी का खतरा बना रहता है।
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हाथी को सुरक्षित पार कराने रेलवे और बिजली विभाग से तालमेल
हाथी और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार ग्राउंड पर निगरानी रख रही है। उत्तर वन मंडल शहडोल की DFO तरुणा वर्मा ने बताया कि हाथियों के सुरक्षित मूवमेंट के लिए वन विभाग, बिजली विभाग और रेलवे के बीच लगातार तालमेल बनाया जा रहा है। हाथी के ट्रैक पार करने के समय स्टेशन मास्टर और रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर ट्रेनों की गति नियंत्रित कराई जा रही है। वहीं, करंट से होने वाले हादसों को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर इलाकों में बिजली सप्लाई भी बंद कराई जा रही है।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल, खेतों में जाने से कतरा रहे लोग
हाथी की लगातार मौजूदगी के कारण आसपास के गांवों में डर का माहौल व्याप्त है। दहशत की वजह से कई ग्रामीण अपने खेतों में कृषि कार्य के लिए जाने से कतरा रहे हैं। स्थिति को संभालते हुए वन विभाग ग्रामीणों से लगातार अपील कर रहा है कि वे हाथी के पास न जाएं, न ही उसका पीछा करने की कोशिश करें और एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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सुरक्षा और दुर्घटना रोकना प्राथमिकता
वन विभाग का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता गजराज के साथ-साथ आम ग्रामीणों और ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वन विभाग का अमला लगातार हाथी के लोकेशन को ट्रैक कर रहा है, ताकि वह बिना किसी दुर्घटना के सुरक्षित तरीके से अपने रास्ते आगे बढ़ सके।
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