अजयारविंद नामदेव, शहडोल। जंगल में बेजुबान वन्यजीवों का शिकार करने के लिए बिछाया गया करंट का जाल अब जानलेवा साबित हो रहा है। शहडोल के ब्यौहारी में एक नर मखना हाथी की करंट लगने से दर्दनाक मौत मामले में वन विभाग ने तीन लोगों पर FIR दर्ज की है। आरोप है कि हाथी की मौत के बाद सबूत मिटाने के लिए बिजली का तार तक काट दिया गया। अब वन विभाग की जांच के घेरे में वे चेहरे हैं, जिनकी कथित लापरवाही या संलिप्तता ने एक बेजुबान वन्यजीव की जान ले ली, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि करंट का यह जाल सिर्फ हाथी के लिए बिछाया गया था या जंगल के दूसरे वन्यजीव भी किसी शिकारी की साजिश का शिकार बनने वाले थे।
घटना पश्चिम ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक पीएफ-77, बीट चचाई अंतर्गत ग्राम चंदौली के वार्ड नंबर-07 के राजस्व क्षेत्र में खेत के पास बोरवेल के नजदीक हुई। यहां बिजली के करंट की चपेट में आने से 15 साल के नर मखना हाथी की मौत हो गई थी, घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में तीन लोगों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें एक व्यक्ति उस खेत का बटाईदार बताया जा रहा है, जहां हाथी की मौत हुई। दूसरा व्यक्ति वह है, जिसके यहां से कथित तौर पर बिजली का तार मिला, जबकि तीसरे पर घटना के बाद तार काटने का आरोप है।
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वन विभाग के मुताबिक, आशंका है कि खेत या जंगल में जानवरों के शिकार अथवा फसलों को वन्यजीवों से बचाने के लिए बिजली के करंट वाला तार लगाया गया होगा। हालांकि, करंट लगाने के वास्तविक उद्देश्य की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। वन विभाग को आशंका है कि हाथी की मौत के बाद संबंधित लोगों ने बिजली का तार काटकर घटना से जुड़े साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया। इसी आधार पर तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उत्तर वन मंडलाधिकारी डीएफओ तरुणा वर्मा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, मामले की जांच जारी है। जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जा सकता है। डीएफओ ने जानकारी देते हुए बताया कि धान के खेत में अवैध रूप से बिजली का तार बिछाकर करंट प्रवाहित करने से हाथी की मौत हुई।
मामले में वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें खेत का बटाईदार, जिसके यहां से तार मिला और हाथी की मौत के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए तार काटने वाला व्यक्ति शामिल है। प्रारंभिक जांच में अवैध बिजली कनेक्शन से करंट लगाए जाने की बात सामने आई है। डीएफओ ने स्पष्ट किया कि यह प्राकृतिक मौत नहीं है। मामले की गहन जांच जारी है और अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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