प्रदीप मालवीय, उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में सोमवार से दो दिवसीय भव्य ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’ और ‘गंगा दशमी महोत्सव’ का शंखनाद हो गया है। प्रदेशव्यापी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुत्र वैभव यादव ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर की।
22 सालों से जारी आस्था अब बना ‘जन-आंदोलन’
पिछले 22 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही यह परिक्रमा अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का एक बड़ा जन-आंदोलन बन चुकी है। सोमवार सुबह प्रसिद्ध रामघाट से शुरू हुई इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु, साधु-संत और जनप्रतिनिधि मां क्षिप्रा के पौराणिक तीर्थों के दर्शन और पूजन के लिए निकले हैं।
यात्रा की 3 सबसे बड़ी और खास बातें
यात्रा की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि पर्यावरण के लिए बीजारोपण भी किया जाएगा। यात्रा के साथ एक विशेष पर्यावरण दल चल रहा है, जो पूरे रास्ते भर बीजारोपण करते हुए आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा एक पुरातत्व दल भी इस यात्रा का हिस्सा है, जो नदी के ऐतिहासिक और पौराणिक पहलुओं का गहन अध्ययन कर रहा है। वहीं सबसे अहम बात यह है कि महोत्सव के दूसरे दिन यानी 26 मई को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं मां शिप्रा को 351 फीट लंबी भव्य चुनरी अर्पित करेंगे।
मैथिली ठाकुर और भारतीय नौसेना बैंड होंगे मुख्य आकर्षण
इस वर्ष के भव्य आयोजन को और भी यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। समापन के अवसर पर पहली बार भारतीय नौसेना का बैंड अपनी खास प्रस्तुति देगा। इसके साथ ही, देश की सुप्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर अपने भक्ति संगीत और सुरीली आवाज से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगी।

